मध्य प्रदेश: गठबंधन को लेकर हो रहा मायावती के फरमान का इंतज़ार

मध्य प्रदेश: गठबंधन को लेकर हो रहा मायावती के फरमान का इंतज़ार

भोपाल ब्यूरो। भले ही चुनाव आयोग ने मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनावो के कार्यक्रम का एलान न किया हो लेकिन इसके बावजूद सभी पार्टियां अपने अपने मोहरे सजाने में व्यस्त हैं। जहाँ बीजेपी अपने उम्मीदवारों को लेकर माथापच्ची करने में जुटी हैं वहीँ कांग्रेस गठबंधन को लेकर बसपा के फैसले का इंतज़ार कर रही है।

बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन होगा अथवा नहीं अभी इस पर कयासों के काले बादल छाए हुए हैं। कांग्रेस और बसपा दोनों ही पार्टियां सभी विधानसभा सीटों पर अपना पसीना बहा रहे हैं। राज्य के बसपा नेताओं को भी नहीं मालूम कि बहिनजी क्या फरमान जारी करेंगी।

मध्य प्रदेश में कांग्रेस बसपा गठबंधन होगा अथवा नहीं इसे लेकर अभी तक बसपा सुप्रीमो से कोई फरमान नहीं आया है। यही कारण है कि मध्य प्रदेश बहुजन समाज पार्टी के पदाधिकारी फ़िलहाल सभी सीटों पर नज़र गढ़ाए बैठे हैं।

वहीँ दूसरी तरफ कांग्रेस सूत्रों की माने तो गठबंधन को लेकर बसपा को ऑफर दिया जा चूका है। अब बसपा के निर्णय का इंतज़ार है। पार्टी सूत्रों की माने तो अगले माह तक इस बात का खुलासा सम्भव है कि मध्य प्रदेश में बसपा कांग्रेस के बीच गठबंधन होगा अथवा नहीं।

मध्य प्रदेश में पिछले विधानसभा चुनावो में बीएसपी को राज्य में चार सीटें मिली थीं और उसने 7 फीसदी वोट हासिल किये थे।

मध्य प्रदेश में 34 सीटें आरक्षित हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि कांग्रेस और बीएसपी यदि मिलकर चुनाव लड़ते हैं तो इन 34 सीटों के अलावा करीब 48 अन्य सीटें ऐसी हैं जिन पर गठबंधन होने पर राजनैतिक समीकरण बदल सकते हैं।

फ़िलहाल देखना है कि कांग्रेस और बसपा के बीच गठबंधन को लेकर शुरू हुई बातचीत का अंत क्या होता है। लेकिन इतना तय है कि यदि बसपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन का कोई फॉर्मूला बनता है तो उसका सीधा नुकसान सत्ताधारी बीजेपी को होगा।

 

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