बीजेपी के सीएम का ज्ञान: सिविल सर्विसेज ‘सिविल इंजीनियर्स’ के लिए होती है
नई दिल्ली। त्रिपुरा में नव गठित बीजेपी सरकार के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब के हालिया बयानों से पार्टी की किरकिरी होना जारी है।
महाभारत काल में इंटरनेट के चलन का दावा करके सीएम बिप्लब कुमार देब ने न सिर्फ गैर ज़रूरी बयान दिया बल्कि इसके बाद भी उनका एक और विवादित बयान आया। इस बयान में उन्होंने सौंदर्य प्रतियोगिताएं पर सवाल उठाते हुए 1997 की मिस इंडिया वर्ल्ड डायना हैडन को लेकर विवादित टिप्पणी की।
कल ही डायना हैडन ने सीएम की टिप्पणी का उन्ही के स्वर में जबाव देते हुए कहा था कि “मुझे दुख है। मंत्री का एक विशिष्ट कद है और वह जो कहते हैं उसके लिए उन्हें परवाह करनी चाहिए।
सीएम बिप्लब कुमार देब की विवादित टिप्पणियों का सिलसिला यहीं नहीं थमा कि अब उन्होंने एक और गैर ज़रूरी बयान देते हुए अपनी अज्ञानता का परिचय दिया है। उन्होंने कहा कि सिविल सर्विसेज़ मेकेनिकल नहीं बल्कि सिविल इंजीनियर्स के लिए होती है।
शुक्रवार को सिविल सर्विस डे के मौके पर सिविल सेवा परीक्षा के लिए तैयारी कर रहे उम्मीदवारों को संबोधित करते हुए बिप्लब कुमार देब ने कहा- ”पुराने समय में मानवता की पृष्ठभूमि रखने वाले लोग अमूमन सिविल सेवा परीक्षा में बैठते थे, यहां तक की डॉक्टर्स और इंजीनियर्स भी इसके लिए आवेदन करते हैं।”
उन्होंने कहा कि ”मैकेनिकल इंजीनियर्स को सिविल सेवाएं नहीं चुनना चाहिए लेकिन सिविल इंजीनियर्स को सिविल सेवा परीक्षाएं चुनना चाहिए।” इस मौके पर बिप्लब कुमार देब ने ममता बनर्जी को खुली चुनौती दी कि तीन वर्षों में त्रिपुरा की विकास दर पश्चिम बंगाल से अच्छी होगी।
फ़िलहाल त्रिपुरा के सीएम बिप्लब कुमार देब के बयान का सोशल मीडिया पर मखौल बन रहा है। सोशल मीडिया यूजर्स उनके बयान पर आश्चर्य जता रहे हैं।
