#बागों_में_बहार_है

नई दिल्ली । शुक्रवार को रवीश कुमार ने अपने शो प्राइम टाइम में ‘बागों में बहार है’ पंक्ति का इस्तेमाल किया। इस पंक्ति के जरिए रवीश यह बताना चाहते थे कि अब अथॉरिटी को सवालों से दिक्कत होने लग जाए तो किस तरह के सवाल उन्हें लुभाएंगे।

रवीश कुमार ने अपने कार्यक्रम के ज़रिये मोदी सरकार के उस बैन का जबाव दिया जो 9 नवंबर के दिन एनडीटीवी को प्रसारण स्थगित करने का हुक्म देता है । अथॉरिटी और पुलिस कब सवाल से मुक्त हो गए। रवीश ने पूछा कि अथॉरिटी का मतलब क्या है… जवाबदेही. बगैर जवाबदेही के अथॉरिटी या पुलिस कुछ और होती होगी। जब हम सवाल नहीं पूछ पाएंगे, कुछ बता नहीं पायेंगे तो क्या करेंगे।

रवीश कुमार की कही गयी पंक्ति ‘बागों में बहार है’ देखते ही देखते ट्विटर पर ट्रेंड करने लगी । सोशल मीडिया यूजर्स ने अपने स्टेटस और ट्वीट में #बागों_में_बहार_है को हैश टैग करना शुरू कर दिया । असल में यह सोशल मीडिया पर यूजर्स का मोदी सरकार के उस फैसले पर गुस्सा ज़ाहिर करने का तरीका है जिस फैसले से एनडीटीवी को आगामी 9 नवम्बर को प्रसारण बंद रखने को कहा गया है ।

सोशल मीडिया पर यूजर्स मोदी सरकार के आदेश का जमकर विरोध कर रहे हैं । यूजर्स का कहना है कि सरकार का फैसला लोकतंत्र का गाला घौंटने जैसा है । सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ है, मोदी सरकार उसे हिलाकर लोकतंत्र की बुनियाद कमज़ोर करने की कोशिश कर रही है ।

https://twitter.com/singh20016/status/794886624639270912

https://twitter.com/RoflRavish/status/794780802751995904

 

 

TeamDigital