बजट 2019: पेट्रोल डीजल पर लगा अतिरिक्त सेस, आम आदमी को राहत नहीं
नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में 2019-20 के लिए बजट पेश किया। बजट में जहाँ कॉरपोरेट समूह को सहूलियतें देने की कोशिश की गयी है वहीँ पेट्रोल डीजल पर अतिरिक्त सेस लगाया गया है।
कॉरपोरेट सेक्टर को सहूलियतें देने के उद्देश्य से बजट में 400 करोड़ रुपये तक टर्नओवर वाली कंपनियों पर कॉरपोरेशन टैक्स 30 फीसदी से घटाकर 25 फीसदी कर दिया गया है। वहीं स्टार्टअप को पूंजी जुटाने से लेकर एंजेल टैक्स पर भी राहत दी गई है। इसी तरह रियल एस्टेट सेक्टर को बूस्ट देने के लिए 45 लाख रुपये तक के मकान पर 1.5 लाख रुपये की अतिरिक्त टैक्स छूट दी है।
बजट में माध्यम वर्ग के लिए किसी राहत का एलान नहीं किया गया है। मिडिल क्लास को पर्सनल इनकम टैक्स पर किसी तरह की राहत नहीं दी गई है। वहीं पेट्रोल-डीजल पर एक रुपये सेस और एक्साइज ड्यूटी एक रुपये बढ़ा दी गई है। जिससे पेट्रोल डीजल की कीमत में 2.50 रूपये तक की बढ़ोत्तरी होगी।
बजट से मध्यम वर्ग की उम्मीदों को झटका अवश्य लगा हैं। बजट के मुताबिक सालाना 2 से 5 करोड़ रुपये कमाने वालों पर 3 फीसदी अतिरिक्त टैक्स लगेगा और साथ ही 5 करोड़ रुपये से अधिक कमाने पर 7 फीसदी अतिरिक्त टैक्स देना होगा।
इसके अलावा अगर कोई भी व्यक्ति बैंक से एक साल में एक करोड़ से अधिक की राशि निकालता है तो उसपर 2 प्रतिशत का टीडीएस लगाया जाएगा। यानी सालाना 1 करोड़ रुपये से अधिक निकालने पर 2 लाख रुपये टैक्स में ही कट जाएंगे। इसी तरह 80 सी में भी किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया गया है। यानी टैक्स सेविंग के लिए 1.50 लाख रुपये की सीमा बरकरार रहेगी।
सबको रसोई गैस और पानी का वादा:
बजट में 2022 तक गांव के हर परिवार के पास बिजली और एलपीजी दिया जाएगा। 2022 तक सबको घर का लक्ष्य पूरा किया जाएगा। आवासों को पूरा करने के लिए दिनों की औसत संख्या 314 से घटकर 114 दिन कर दी गई है। इसी तरह 2024 तक हर घर को पानी देने के लिए 1500 ब्लॉक की पहचान की गई है। जिनके जरिए पानी पहुंचाया जाएगा।
आधार और पैनकार्ड बने विकल्प:
सरकार ने पैन कार्ड और आधार को इंटरचेंजेबल बनाने का ऐलान किया है। इसकी वजह से अब जिन लोगों के पास पैन कार्ड नहीं है, वह अपना आधार नंबर देकर काम चला सकेंगे। इसी तरह जिनके पास आधार नहीं है वह पैन देकर काम चला सकेंगे।
डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने के लिए एमडीआर चार्ज को खत्म कर दिया है। अभी कार्ड आदि से पेमेंट करने पर ग्राहक और दुकानदार को एमडीआर चार्ज देना पड़ता था। एमडीआर चार्ज खत्म होने से डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा मिलेगा।
किसानो की आय दोगुना और बेरोज़गारी पर ख़ामोशी:
बजट में किसानो की आय को दोगुना करने की नरेंद्र मोदी की घोषणा और देश में बढ़ती बेरोज़गारी को काबू में करने पर कोई ज़िक्र नहीं किया गया है। बजट में नए रोज़गार श्रजन करने को लेकर वित्त मंत्री ने कोई खुलासा नहीं किया है।
