प्रियंका और सिंधिया फिर लखनऊ दौरे पर, गठबंधन को लेकर होगी अंतिम बात
नई दिल्ली। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और ज्योतिरादित्य सिंधिया आज से फिर लखनऊ में डेरा डालेंगे। दोनों कांग्रेस नेता कार्यकर्ताओं के साथ संवाद करने के अलावा आम चुनाव के लिए प्रदेश में क्षेत्रीय दलों के साथ गठबंधन को लेकर चल रही बातचीत को अंतिम रूप देंगे।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक अपना दल के अध्यक्ष आशीष पटेल और केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल से गठबंधन को लेकर बातचीत हो चुकी है। सूत्रों ने कहा कि अपना दल कम से कम 7 सीटों की मांग रखी है। हालाँकि अपना दल ने कांग्रेस से गठबंधन को लेकर अपना मन बना लिया है और अब सीटों के बंटवारे को लेकर बातचीत तय की जानी है।
सूत्रों ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने परसो देर रात दिल्ली में हुई बैठक में करीब 25 उम्मीदवारों के नाम तय कर लिए थे। शेष रही सीटों पर उम्मीदवारों के नामो का फैसला भी अगले सप्ताह तक ले लिया जाएगा। सूत्रों ने कहा कि पार्टी अपने उम्मीदवारों की पहली सूची तीन मार्च को जारी कर सकती है।
सूत्रों ने कहा कि पार्टी प्रदेश में क्षेत्रीय दलों से गठबंधन किये जाने की अपनी कवायद के तहत शिवपाल सिंह यादव की पार्टी प्रोग्रेसिव समाजवादी पार्टी और पीस पार्टी से भी बात कर रही है लेकिन गठबंधन होगा या नहीं ये अभी तक तय नहीं किया जा सका है।
सूत्रों ने कहा कि शिवपाल की पार्टी के साथ गठबंधन को लेकर समाजवादी पार्टी आड़े आ रही है। पार्टी नेताओं का मानना है कि यदि शिवपाल की पार्टी से कांग्रेस गठबंधन करती है तो उसका नुकसान समाजवादी पार्टी- बसपा गठबंधन को हो सकता है। जानकारो की माने तो शिवपाल यादव बाहुल्य सीटों पर समाजवादी पार्टी को बड़ा डेंट मार सकते हैं।
ऐसी स्थति में यदि शिवपाल की पार्टी से कांग्रेस गठबंधन करती है तो समाजवादी पार्टी में नाराज़गी पैदा हो सकती है। जैसा कि हाल ही में समाजवादी पार्टी नेता रामगोपाल यादव ने कहा था कि यदि कांग्रेस गठबंधन को नुकसान पहुंचाती है तो सपा अमेठी और रायबरेली में भी अपने उम्मीदवार खड़े कर सकती है। रामगोपाल यादव का इशारा शिवपाल और कांग्रेस के बीच गठबंधन को लेकर ही था।
फिलहाल देखना है कि कांग्रेस क्षेत्रीय दलों के साथ गठबंधन की अपनी प्रक्रिया को किस तरह आगे बढ़ाती है और इस गठबंधन में शिवपाल यादव की प्रोग्रेसिव समाजवादी पार्टी को जगह मिलती है अथवा नहीं। हालाँकि प्रोग्रेसिव समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव स्वयं सार्वजनिक रूप से कांग्रेस से गठबंधन की मंशा ज़ाहिर करते रहे हैं।
