प्रभु की लीला : राजधानी, शताब्दी में यात्रा हुई महँगी, घटेंगी सीटें बढ़ेगा किराया
नई दिल्ली। यह मध्यम वर्ग के लिए बड़ा झटका है। सरकार ने राजधानी, दुरंतो और शताब्दी ट्रेनों के बेस किराये बढ़ा दिए हैं। इन पर फ्लेक्सी फेयर स्कीम लागू कर दी गई है। हालांकि एसी फर्स्ट व एक्जीक्यूटिव क्लास में यह बढ़ोतरी लागू नहीं होगी।
बाकी सभी श्रेणियों में शुरुआती दस प्रतिशत सीटों को छोड़कर अगली दस फीसद सीटों पर किराया 10 फीसद बढ़ जाएगा। 20 फीसद सीटें भरने के बाद फिर से किराया दर दस फीसद बढ़कर 120 फीसद हो जाएगा। इस तरह 50 फीसद सीटें भरने तक किराया 140 फीसद तक हो जाएगा।
इसके बाद की सभी यानी 51 से 100 फीसद तक सीटों पर टिकट बुकिंग 150 फीसद यानी डेढ़ गुने किराये पर होगी। सुपर फास्ट, खाना, आरक्षण शुल्क, सर्विस टैक्स जैसे शुल्क अलग से जुड़ेंगे। इस तरह कुल किराया काफी बढ़ जाएगा। जून, 2014 के बाद किरायों में यह पहली बड़ी बढ़ोतरी है। इसे माल यातायात में कमी तथा सातवें वेतन आयोग का नतीजा माना जा रहा है।
राजधानी, दुरंतो के फर्स्ट एसी तथा शताब्दी के एक्जीक्यूटिव क्लास पर यह स्कीम लागू नहीं होगी। यानी इनके किराये ज्यों के त्यों रहेंगे। फ्लेक्सी फेयर स्कीम के किराये 9 सितंबर से लागू हो रहे हैं।
तत्काल टिकट भी महंगे
रेलवे बोर्ड की ओर से जारी सर्कुलर के मुताबिक फ्लेक्सी फेयर स्कीम के तहत तत्काल के टिकट भी अधिकतम डेढ़ गुना किराये पर ही बुक होंगे। लेकिन इन पर तत्काल का शुल्क नहीं लगेगा। इन ट्रेनों में प्रीमियम तत्काल कोटा लागू नहीं होगा। लेकिन अन्य विभिन्न कोटे ज्यों का त्यों लागू होंगे।
रियायतों की स्थिति
रियायतों के पात्र यात्रियों को यह सुविधा पूर्ववत मिलती रहेगी। उन्हें रियायत बेस फेयर पर मिलेगी। अगर फ्लेक्सी फेयर मे बेस फेयर बढ़ जाता है तो बढ़े हुए फेयर रियायत मिलेगी।
करेंट बुकिंग
रेलवे के अनुसार चार्टिंग के वक्त खाली बची सीटों को करेंट बुकिंग के लिए खोल दिया जाएगा। करेंट बुकिंग की इन टिकटों के लिए भी डेढ़ गुना किराया देना होगा।
ज्यादा किराये पर उच्च श्रेणी
बुकिंग के वक्त कभी ऐसा भी हो सकता है कि कमतर श्रेणी का किराया उच्चतर श्रेणी से ज्यादा हो। ऐसी स्थिति में यात्री को उच्चतर श्रेणी चुनने का विकल्प उपलब्ध कराया जाएगा।
किराये के अंतर की वसूली
ट्रेन के अंदर टीटी द्वारा किराये का अंतर (डिफरेंस) वसूलने की सहूलियत के लिए राजधानी, दुरंतो व राजधानी की प्रत्येक ट्रेन का श्रेणीवार अंतिम किराया आरक्षण चार्ट पर प्रिंट किया जाएगा। रिफंड नियमों में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। नौ सितंबर या उसके बाद की यात्रा के लिए पहले से बुक हो चुके टिकटों पर यात्रियों से कोई डिफरेंस नहीं वसूला जाएगा।
कैसे बढ़ेगा किराया
फ्लेक्सी फेयर लागू होने की विधि इस तरह होगी। मान लीजिए किसी ट्रेन का बेस फेयर 100 रुपये है और ट्रेन की खास श्रेणी में 100 सीटें हैं।
सीट———–किराया
1-10———– 100
11-20——— 110
21-30——— 120
31-40——— 130
41-50——— 140
51-100——– 150
(नोट- अतिरिक्त शुल्क अलग से लगेगा)
