पीएम मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ रहे सपा उम्मीदवार के नामांकन पर संकट

पीएम मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ रहे सपा उम्मीदवार के नामांकन पर संकट

नई दिल्ली। वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ गठबंधन उम्मीदवार तेजबहादुर यादव के नामांकन पर संकट के बादल मडरा रहे हैं। तेज बहादुर ने पहले निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर नामांकन किया था लेकिन सपा द्वारा उम्मीदवार बनाये जाने के बाद उन्होंने सपा के चुनाव चिन्ह पर नामांकन किया।

पहले नामांकन में 24 अप्रेल को तेजबहादुर ने खुलासा किया कि उन्हें भ्रष्टाचार के कारण सेना से बर्खास्त किया गया था लेकिन दूसरे नामांकन में 29 अप्रैल को तेजबहादुर यह खुलासा करना भूल गए। दोनों नामांकन में अंतर पाए जाने के बाद चुनाव आयोग ने तेजबहादुर को नोटिस जारी किया है।

मंगलवार को पर्चों की जांच के बाद जिला निर्वाचन कार्यालय ने तेज बहादुर को नोटिस जारी करते हुए 1 मई तक जवाब देने का समय दिया है। चुनाव आयोग का कहना है कि अगर तेज बहादुर यादव प्रमाण नहीं देते हैं तो उनका नामांकन खारिज कर दिया जाएगा।

बता दें कि 2017 में बीएसएफ जवान तेज बहादुर यादव ने एक वीडियो जारी किया था, जिसमें उन्होंने जवानों को मिलने वाले भोजन की क्वालिटी को लेकर शिकायत की थी। इसके बाद वह चर्चा में आ गए थे। हालांकि उस विवाद के बाद उन्हें बर्खास्त कर दिया गया था। तभी से वह केंद्र सरकार के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं।

वाराणसी से लोकसभा चुनाव लड़ने का एलान करते हुए तेज बहादुर यादव ने ऐलान किया था कि वह भ्रष्टाचार के मुद्दे पर चुनाव लड़ रहे हैं। उन्होंने तब कहा था कि मैंने भ्रष्टाचार का मामला उठाया, लेकिन मुझे बर्खास्त कर दिया गया। मेरा पहला उद्देश्य सुरक्षा बलों को मजबूत करना और भ्रष्टाचार खत्म करना होगा।

TeamDigital