पिछले 15 वर्षो में कभी एएमयू नहीं आये ज़ाकिर नाईक, मीडिया उड़ा रहा अफवाह

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नई दिल्ली । इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन के संस्थापक और हाल ही में विवाद में आये धार्मिक गुरु ज़ाकिर नाईक को लेकर अब पेशेवर मीडिया उनके तार अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से जोड़ने की कोशिश कर रहा है । पेशेवर मीडिया इस कोशिश को पुख्ता करने के लिए बिना सबूत दावे कर रहा है । जबकि सच्चाई यह है कि पिछले तीन वर्षो के दौरान ज़ाकिर नाईक कभी अलीगढ़ नहीं आये ।

सच्चाई यह है कि ज़ाकिर नाईक को 12 जून 2013 को एएमयू यूनिवर्सिटी कोर्ट के सदस्य ज़रूर चुना गया था लेकिन वे अपने तीन साल के कार्यकाल में वे एएमयू कभी नहीं आए । ज़ाकिर नाईक पहली बार 2001 में एएमयू आये थे उसके बाद वे कभी न तो अलीगढ आये और न ही उनका एएमयू में कोई कार्यक्रम आयोजित हुआ ।

जिस समय ज़ाकिर नाईक का नाम कोर्ट मेंबर के लिए प्रस्तावित किया गया था उस समय ज़ाकिर नाईक न तो इतने मशहूर थे और न ही विवादित थे । ज़ाहिर है एक धार्मिक नेता के तौर पर उन्हें कोर्ट मेंबर के तौर पर प्रस्तावित किया गया होगा ।

देश के पेशेवर मीडिया को बिना पूरी जानकारी जुटाए किसी शिक्षण संस्था को ज़ाकिर नाईक मामले में शामिल करने का हक नहीं हैं । टीआरपी या वेबसाइट पर हिट्स बढ़ाने के लिए जो चैनल झूठे दावे कर रहे हैं उन्हें पहले सच्चाई जान लेनी चाहिए ।

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