नोटबंदी पर मंत्रीजी ने दिया अजीब लॉजिक : नोटबंदी से देश में घटी वेश्यावृत्ति
नई दिल्ली। नोट बंदी का एक वर्ष पूरा होने पर जहाँ विपक्ष कल काला दिवस मनाने जा रहा है वहीँ सरकार की तरफ से नोट बंदी के फैसले को सही साबित करने के लिए नोट बंदी के अलग अलग फायदे गिनाये जा रहे हैं।
नोट बंदी को लेकर मोदी सरकार ने दो बड़े दावे किये थे, पहला यह कि इससे काले धन पर रोक लगेगी और दूसरा इससे टेरर फाइंडिंग रुक जायेगी जिससे आतंकी घटनाओं पर लगाम कसी जा सकेगी। सरकार की तरफ से नोट बंदी लागू करने के पीछे यही दो बड़े कारण बताये गए थे।
लेकिन अब सूचना प्रौद्योगिकी और कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने दावा किया है कि नोट बंदी से वैश्या वृत्ति में कमी आयी है। भोपाल में रविशंकर प्रसाद ने गृह मंत्रालय से मिले आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि जबसे देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी लागू की, कश्मीर में पत्थरबाजी की घटनाएं, नक्सली हमलों के साथ-साथ वेश्यावृत्ति के लिए महिलाओं की तस्करी भी कम हुई है।
उन्होंने कहा कि नोटबंदी के बाद जो 99 प्रतिशत राशि वापस आई है, वो सारी सफेद नहीं है। उन्होंने बताया कि 23 लाख बैंक खातों में जमा 3.68 करोड़ नकदी की जांच चल रही है। वहीँ 17.73 लाख पैन कार्ड धारकों की जांच की जा रही है, 4.7 लाख लेन-देन भी संदिग्ध बताए गए हैं।
इतना ही नहीं केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 16000 करोड़ रुपये वापस नहीं आए हैं, जबकि 29,213 करोड़ रुपये की अघोषित आया छापों के दौरान पकड़ी गई। सिर्फ 1.5 लाखों लोगों ने कुल मुद्रा का एक तिहाई यानी 5 लाख करोड़ रुपये जमा करा दिए. 2.24 लाख शेल कंपनियों का पंजीयन रद्द किया गया है।
