नीतीश-बीजेपी हनीमून पर कल फैसला दे सकते हैं शरद यादव

नीतीश-बीजेपी हनीमून पर कल फैसला दे सकते हैं शरद यादव

नई दिल्ली। नीतीश कुमार और बीजेपी के शुरू हुए हनीमून पर जदयू के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद शरद यादव कल निर्णय ले सकते हैं।

नीतीश कुमार के बीजेपी के साथ बिहार में सरकार बनाने का विरोध कर रहे जदयू नेताओं से कल शरद यादव की बैठक हुई थी।

शरद यादव ने उन्हें आश्वस्त किया था कि वे इस मामले में कुछ राष्ट्रीय दलों के नेताओं से बातचीत करके अंतिम निर्णय एक दो दिन में लेंगे।

कल पीएम मोदी के दूत के तौर पर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भी जदयू नेता शरद यादव से मुलाकात कर उन्हें मनाने की कोशिश की थी। सूत्रों के अनुसार जेटली ने शरद यादव से केंद्र सरकार में मंत्रिमंडल का हिस्सा बनने का ऑफर भी दिया था।

बिहार में बीजेपी जदयू सरकार बनने के बाद जदयू के दो सांसदों को केंद्र में मंत्री पद मिलना तय माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार जदयू अध्यक्ष और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जदयू सांसद केसी त्यागी और शरद यादव को मंत्रिमंडल में शामिल करने के पक्षधर हैं लेकिन शरद यादव इसके लिए तैयार नहीं है।

वहीँ कल असन्तुष्टो के साथ बैठक से पहले शरद यादव ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गाँधी से भी बात की थी। सूत्रों के अनुसार शरद यादव और राहुल गाँधी की बातचीत के दौरान बिहार में महागठबंधन टूटने पर चर्चा हुई।

यहाँ एक बड़ा प्रश्न यह उठता है कि शरद यादव को राहुल गाँधी से बात करने की आवश्यकता क्यों पड़ी ? क्या बिहार को लेकर शरद यादव और कांग्रेस के बीच कोई खिचड़ी पक रही है ? वहीँ असन्तुष्टो के साथ बैठक में शरद यादव द्वारा यह कहना कि वे ‘इस मामले में कुछ राष्ट्रीय दलों के नेताओं से बातचीत के बाद अंतिम निर्णय लेंगे’ क्या संकेत देता है ?

वहीँ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि जदयू के कम से कम 18 से 20 विधायक शरद यादव के समर्थक है और वे आज पूरा दिन शरद यादव के इशारे का इंतज़ार करते रहे। हालाँकि जदयू के किसी विधायक ने नितीशकुमार के खिलाफ क्रॉस वोटिंग नहीं की। सभवतः यह इसलिए भी हुआ क्यों कि असन्तुष्टो के साथ हुई बैठक में शरद यादव ने नीतीश बीजेपी मामले में निर्णय लेने के लिए दो दिन का वक़्त माँगा था।

अब चूँकि नीतीश सरकार विश्वास मत हासिल कर चुकी है इसलिए शरद यादव के पास दो ही रास्ते बचे हैं या तो नीतीश बीजेपी हनीमून को स्वीकार कर केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल हो जाएँ या अपने समर्थक विधायकों और सांसदों के साथ जदयू छोड़ दें। फ़िलहाल दोनो स्थतियाँ ही साफ़ नहीं हैं।

इस पूरे मामले पर आज पूरे दिन शरद यादव ने ख़ामोशी साधे रखी। नीतीश बीजेपी सरकार द्वारा विश्वास मत हासिल किये जाने पर भी शरद यादव ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। हालाँकि संसद में उन्हें बीजेपी सांसदों ने घेरे रखा ताकि उनके मन में नीतीश बीजेपी सरकार को लेकर क्या चल रहा है यह मालूम हो सके लेकिन शरद यादव ने किसी तरह की कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।

आज शुक्रवार होने के कारण बहुत से सांसद अपने अपने संसदीय क्षेत्र में चले गए हैं। इनमे जदयू सांसद भी शामिल हैं। वहीँ समझा जाता है कि कल शरद यादव और बिहार के सीएम नीतीश कुमार के बीच मुलाकात हो सकती है। सम्भावना है कि उसके बाद ही शरद यादव अपना अंतिम निर्णय देंगे।

TeamDigital