दो छात्रों की मौत से दहला एएमयू , प्रॉक्टर कार्यालय फूंका, छावनी बना कैम्पस

AMU

अलीगढ़ । अलीगढ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू ) में शनिवार देर रात में बवाल और फायरिंग में दो घायलों में से एक गाज़ीपुर निवासी महताब खान ने रविवार सुबह 4 बजे जेएन मेडिकल कॉलेज में दम तोड़ दिया है, जबकि जबकि गम्भीर हालत में दिल्ली रेफर किए गए दूसरे छात्र वाकिफ की भी दोपहर में सर गंगाराम अस्पताल में मौत हो गई। थाना सिविल लाइन्स ने इसकी पुष्टि कर दी है।

ग़ाज़ीपुर निवासी मृतक महताब एएमयू का वर्तमान या पूर्व छात्र था यह पुलिस और एएमयू प्रशासन ने स्पष्ट नहीं किया है। हालांकि कुलपति ने बयान दिया है कि महताब एएमयू का छात्र नहीं था। हालांकि इतना साफ है कि मृतक का एम् पीएड में दाखिला हुआ था। जिसके बाद उसे पिछले साल निलंबित भी किया गया था।

एएमयू में शनिवार रात 10 बजे आफ़ताब हाल के मुमताज़ होस्टल से बवाल शुरू हुआ था। एक छात्र गुट ने इस होस्टल में एमए के छात्र मोहसिन इकबाल पर हमला बोला। उसे पीटा और उसके कमरे में आग लगा दी। उस पर फायरिंग भी की गई।

जब वह अपने साथियों के साथ रात में ही ये सब होने के बाद शिकायत करने प्रॉक्टर ऑफिस पर हंगामा करता हुआ पंहुचा तो वहां भी उस पर फायरिंग की गई। फिर भारी पुलिस बल को बुलाना पड़ा। पुलिस के सामने भी फायरिंग की गई, जिसमे दो घायल हो गए और उन्हें जवाहरलाल नेहरु मेडिकल कॉलेज भरती कराया गया। जिसके बाद घायलों के साथियों ने मेडिकल कॉलेज में हंगामा किया।

देर रात ही आक्रोशित छात्रों ने प्रॉक्टर ऑफिस फूंकने, गेस्ट हाउस के कार में आगजनी और वीसी लॉज के बगल में स्टाफ क्लब में लगे टेंट को जलाने के साथ डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर ऑफिस भी जला दिया था। जिसमे छात्रों का सारा रिकॉर्ड जल के ख़ाक हो चूका है। ठीक इसी तरह 2007 में आगजनी हुई थी। उस वक़्त भी छात्रों का सार रिकॉर्ड जल गया था।

पुलिस, आरएएफ ने स्थिति पर काबू करने का प्रयास किया तो उन पर पथराव किया गया और फायरिंग की गई। जवाब में पुलिस व आरएएफ को हवाई फायरिंग करनी पड़ी और लाठीचार्ज किया, जिस पर स्थिति नियंत्रित हुई। रविवार को घायल दोनों छात्रों की मौत हो गई है।

अपनी राय कमेंट बॉक्स में दें

TeamDigital