जस्टिस लोया की मौत कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं लेकिन सच सामने आना ज़रूरी: कांग्रेस
नई दिल्ली। कांग्रेस ने जस्टिस लोया की मौत पर राजनीति करने के आरोपों को नकारते हुए कहा कि इस संवदेनशील मामले की जांच होनी चाहिए क्योंकि यह लोकतंत्र के लिए जरूरी है।
सोमवार को प्रेस कान्फ्रेंस करते हुए कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा ‘हम जज लोया की मौत को राजनीतिक मुद्दा नहीं बना रहे हैं। अगर कोई मामला लोकतंत्र के एक हिस्से पर चोट करता है तो ऐसे मामले की जांच होनी चाहिए या नहीं यह लोया परिवार पर निर्भर नहीं करता क्योंकि लोकतंत्र को बचाने के लिए यह जरूरी है।’
इससे पहले जस्टिस लोया के बेटे अनुज लोया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि उन्हें अपने पिता की मौत को लेकर किसी पर संदेह नहीं है और वे इस मामले का राजनीतिकरण नहीं चाहते। जस्टिस लोया के बेटे की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जस्टिस लोया के एक पुराने मित्र ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्वीकार किया था कि यह प्रेस कॉन्फ्रेंस बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने आयोजित कराई है।
जस्टिस लोया के बेटे अनुज की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद कई सवाल उठने लगे। अपने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अनुज लोया सहमे हुए से नज़र आये तथा वे बार बार एक कागज से कुछ देख रहे थे जबकि प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्हें कोई आंकड़ा या तथ्य पेश नहीं करना था।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में जस्टिस लोया के बेटे ने बहुत संक्षिप्त में बात रखी थी जिसे कागज में लिख कर लाने की आवश्यकता नहीं थी। इसलिए सवाल उठे कि आखिर अनुज लोया कागज में क्या लिख कर लाये थे और वे बार बार कागज क्यों देख रहे थे। इतना ही नहीं प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद जस्टिस लोया के वकील प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुद अधिक इनपुट दे रहे थे तथा उन्होंने बहुत जल्दी में प्रेस कॉन्फ्रेंस खत्म कर दी।
बता दें कि इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी एक दिन पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जस्टिस लोया की मौत की जांच की मांग की थी। गौरतलब है कि जज लोया 1 दिसंबर, 2014 को नागपुर में अपने सहकर्मी की बेटी की शादी में शामिल होने गए थे। वहीं उनकी संदिग्ध हालत में मौत हुई थी।
यह मामला तब सुर्खियों में आया जब पिछले साल नवंबर में लोया की बहन ने इसे सोहराबुद्दीन केस से जोड़ते हुए उनकी मौत की परिस्थितियों पर शक जाहिर किया।
