चुनाव परिणाम आने से पहले सोनिया ने शुरू की विपक्षी दलों से बातचीत
नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव के लिए अभी सातवें चरण का चुनाव बाकी है। 23 मई को चुनावी नतीजे आने शुरू होंगे लेकिन इस बीच यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी ने विपक्षी दलों के नेताओं से बातचीत करना शुरू कर दिया है।
विभिन्न माध्यमों से मिली रिपोर्टो के आधार पर विपक्ष अब यह मानकर चल रहा है कि चुनावी नतीजे बीजेपी के पक्ष में नहीं आ रहे। यही कारण है कि केंद्र में नई सरकार बनाने के लिए विपक्ष ने अभी से लामबंद होना शुरू कर दिया है।
दस जनपथ सूत्रों की माने तो यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी ने यूपीए घटक दलों के नेताओं से अभी से बातचीत शुरू कर दी है। सूत्रों के मुताबिक सोनिया गांधी ने टीएमसी नेता ममता बनर्जी, बसपा सुप्रीमो मायावती और आरएलडी नेता अजीत सिंह से भी फोन पर बात की है।

सूत्रों ने कहा कि कांग्रेस यह मानकर चल रही है कि बीजेपी की सीटें कम आने की दशा में छोटे दलों में तोड़फोड़ या खरीद फरोख्त की कोशिश भी हो सकती है। इसलिए पार्टी चाहती है कि यूपीए के पुराने सहयोगियों के अलावा दो-तीन सीटों की सम्भावना वाले छोटे दलों को भी एकजुट किया जाए।
सूत्रों ने कहा कि सोनिया गांधी यूपीए घटकदलो से निरंतर सम्पर्क बनाये हुए हैं। सूत्रों ने कहा कि चुनावी नतीजे आने से पहले विपक्ष को एकजुट करने की कवायद के तहत सोनिया गांधी सभी से सम्पर्क बनाये हुए हैं।
सूत्रों ने कहा कि सोनिया गांधी विपक्ष के नेताओं से बातचीत में 22,23 या 24 मई को दिल्ली में विपक्षी दलों की बैठक के आयोजन को लेकर राय जान रही हैं। सूत्रों ने कहा कि अधिकांश दलों के नेता 22 मई को बैठक के पक्ष में हैं।

गौरतलब है कि इससे पहले आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चन्द्रबाबू नायडू ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात कर चुनावी नतीजे आने से दो दिन पहले यानि 21 मई को विपक्ष की बैठक बुलाने की बात रखी थी।
सूत्रों की माने तो कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी इसके लिए तैयार हो गए लेकिन पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि बैठक में शामिल होने के लिए क्षेत्रीय दलों को पर्याप्त समय मिलना चाहिए। ममता का कहना था कि 19 मई को लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण में कई राज्यों में मतदान होना है। इसलिए कम से कम 20 मई तक तो क्षेत्रीय दलों के नेता चुनाव से निपट पाएंगे ऐसे में 21 मई की बैठक बुलाना उचित नहीं रहेगा।

सूत्रों की माने तो अब 21 मई को होने वाली विपक्ष की बैठक 23 मई को चुनावी नतीजे आने के बाद ही आयोजित की जायेगी। इस बीच तेलंगाना के मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव तीसरे मोर्चे पर सहमति बनाने के प्रयास कर रहे हैं। हालाँकि उन्हें शुरू में ही डीएमके ने यह कहकर झटका दे दिया कि डीएमके का कांग्रेस से गठबंधन है और तीसरे मोर्चे का कोई औचित्य नज़र नहीं आता। डीएमके प्रमुख स्टालिन ने चंद्रशेखर राव से कांग्रेस का समर्थन करने का भी आग्रह किया।
फिलहाल देखना है कि यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी द्वारा विपक्ष को एकजुट करने की मुहिम कितनी कारगर साबित होती है। अभी लोकसभा के सातवें चरण का चुनाव 19 मई को होना है और 23 मई को चुनावी नतीजे आएंगे।
