चीफ जस्टिस के खिलाफ महाभियोग लाने के लिए 64 सांसदों ने किये हस्ताक्षर
नई दिल्ली। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) दीपक मिश्रा को हटाए जाने के लिए लाये जाने वाले विपक्ष के महाभियोग को अब तक 64 सांसदों का समर्थन मिल चूका है।
महाभियोग को समर्थन देने वाली पार्टियों में समाजवादी पार्टी, बसपा, एनसीपी, सीपीआई, सीपीएम और मुस्लिम लीग शामिल है। इन सभी पार्टियों ने उपराष्ट्रपति को प्रस्ताव दिया है। विपक्षी नेताओं में गुलाम नबी आजाद, केटीएस तुलसी, अभिषेक मनु सिंघवी, कपिल सिब्बल, एनसीपी की वंदना चौहान, सीपीआई के डी. राजा शामिल हैं।
कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि 5 बिंदुओ के आधार पर महाभियोग प्रस्ताव लाया गया है और CJI को हटाने की मांग की है।इसलिए राज्यसभा के सभापति प्रस्ताव को स्वीकार करें।
उन्होंने कहा कि चीफ जस्टिस के खिलाफ प्रस्तावित महाभियोग पर कुल 71सांसदों ने हस्ताक्षर किये थे लेकिन उनमे से 7 सासंद रिटायर हो चुके हैं । इस तरह महाभियोग के पक्ष में कुल 64सांसदों के हस्ताक्षर मौजूद हैं ।
गौरतलब है कि कांग्रेस ने जज लोया के मामले में फैसला आने के बाद अपने मंच से चीफ जस्टिस के खिलाफ महाभियोग पर फिलहाल कुछ कहने से इंकार कर दिया था। कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने विपक्षी दलों के सभी प्रमुख नेताओं को आमंत्रित किया था। बैठक में विभिन्न ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा कर सरकार को घेरने की रणनीति तैयार की जानी थी।
कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने कहा कि जब से दीपक मिश्रा CJI बने थे तब से उन पर सवाल उठ रहे थे। जब सुप्रीम कोर्ट के जजों को यह लग रहा है कि न्याय व्यवस्था खतरे में है तो क्या देश को इस मसले पर कुछ नहीं करना चाहिए।
