चिदंबरम की ज़मानत याचिका ख़ारिज करने वाले जज को रिटायर होते ही मिला ये पद
नई दिल्ली। पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम की ज़मानत अर्जी ख़ारिज कर गिरफ्तारी का रास्ता बनाने वाले हाईकोर्ट के जज सुनील गौर का रिटायरमेंट होते ही सरकार ने उन्हें धन शोधन निवारण अधिनियम अपीलीय न्यायाधिकरण (एटीपीएमएलए) का चेयरमैन नियुक्त किया हैं।
बतौर हाईकोर्ट का जज रहते हुए जस्टिस सुनील गौर ने अपने कैरियर के अंतिम आदेश में पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस नेता पी चिदंबरम की आईएनएक्स मीडिया मामले में अंतरिम राहत की याचिका खारिज कर दी थी।
गौरतलब है कि सुनील गौड़ 23 अगस्त को रिटायर हुए हैं, जिसके बाद उन्हें पीएमएलए कोर्ट का चेयरमैन नियुक्त कर बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। पीएमएलए कोर्ट मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों की सुनवाई करती है।
आईएनएक्स मामले में जस्टिस सुनील गौड़ ने पी चिदंबरम की अग्रिम ज़मानत याचिका पर सुनवाई करने के बाद फैसला सुरक्षित रखा था और रिटायर होने से दो दिन पहले उन्होंने याचिका पर फैसला सुनाकर चिदंबरम की अग्रिम जमानत की अर्जी खारिज कर दी थी।
इतना ही नहीं इससे पहले उन्होंने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के भांजे की भी अगस्तावेस्टलैंड मामले में अग्रिम जमानत खारिज कर दी थी। सुनील गौड़ को साल 2008 में हाई कोर्ट का जज बनाया गया था। उन्हें 11 अप्रैल 2012 को स्थानीय न्यायाधीश नामित किया गया।
