चार्जशीटेड नेताओं के चुनाव लड़ने पर रोक लगाने से सुप्रीमकोर्ट का इंकार

चार्जशीटेड नेताओं के चुनाव लड़ने पर रोक लगाने से सुप्रीमकोर्ट का इंकार

नई दिल्ली। सुप्रीमकोर्ट ने आज अपने एक अहम फैसले में चार्जशीटेड नेताओं के चुनाव लड़ने से रोक लगाने से इनकार कर दिया है। सर्वोच्च अदालत ने कहा कि चार्जशीटेड नेताओं के चुनाव लड़ने पर रोक के लिए अलग से कानून बनाये जाने की आवश्यकता है। इसके लिए अलग से कानून बने।

कोर्ट के आज के फैसले से बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरलीमनोहर जोशी, उमा भारती सहित कई नेताओं को राहत मिली है। उक्त बीजेपी नेता बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में आरोपी है।

अयोध्या में बाबरी मस्ज़िद गिराए जाने के मामले में लखनऊ की सीबीआई अदालत के आदेश के बाद बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और उमा भारती पर आपराधिक मुकदमा चला था।

इसके अलावा बीजेपी के महेश गिरी, सीपीएम के पी. करुणाकरन और पी. के. श्रीमथी और पप्पू यादव, जन अधिकार लोकतांत्रिक पार्टी को भी बड़ी राहत पहुंची है।

मंगलवार को बड़ा फैसला सुनाते हुए सर्वोच्च अदालत ने कहा कि चार्जशीट के आधार पर जनप्रतिनिधियों पर कार्रवाई नहीं की जा सकती है। चुनाव लड़ने से रोकने के लिए सिर्फ चार्जशीट ही काफी नहीं है।

कोर्ट ने कहा है कि हर नेता को अपने आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी चुनाव लड़ने से पहले चुनाव आयोग को देनी चाहिए। कोर्ट ने कहा है कि इस मसले संसद को कानून बनाना चाहिए।

गौरतलब है कि 1765 सांसद-विधायकों पर कुल 3045 आपराधिक केस विचाराधीन हैं। वहीँ मौजूदा लोकसभा के 541 में से कुल 53 सांसदों के खिलाफ आपराधिक केस विचाराधीन हैं। इनमे सर्वाधिक दागी नेता उत्तर प्रदेश के हैं।

TeamDigital