ग्राउंड रिपोर्ट: बैंक, एटीएम पर नही हो रही भीड़ कम, हालातो में कोई बदलाव नही
नई दिल्ली(राजा ज़ैद) । नोटबंदी के 35 दिनों बाद भी हालात जस के तस हैं हालातो में कोई बदलाव होता नही दिखाई दे रहा । बैंको और एटीएम पर आज भी लम्बी लम्बी लाइने लगी हैं । भीड़ में लगे लोगों को प्रधानमंत्री के पचास दिन में हालातो में सुधार वाले बयान पर यकीन नही है ।
देशभर में आठ नवम्बर को रात 12 बजे के बाद से पांच सौ और एक हज़ार के नोटों पर पतिबंध लगा दिया गया था । तब से बैंको और एटीएम में लंबी लाइन लगी है । बैंको में कैश का हाल भी वही है उसमे ज़रा भी सुधार दिखाई नही दे रहा । नगदी के अभाव से जूझ रही बैंक अपने ग्राहकों को 24 हज़ार रूपये कैश उपलब्ध नही करा पा रही हैं । वहीँ एटीएम से दो या ढाई हज़ार तक ही कैश निकलना सम्भव है ।
नोटबंदी से आम आदमी मुसीबतें झेल रहा है और अब लोगों की निगाहें पचास दिन पूरे होने पर लगी हैं । बता दें कि नोटबंदी के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पचास दिनों में हालात सामान्य होने का भरोसा दिलाया था । एक सभा में उन्होंने कहा था कि “अगले पचास दिन में हालात सामान्य हो जायेंगे”। लेकिन नोटबंदी के 35 दिन बीत जाने के बाद ज़मीनी हकीकत पर अभी ऐसा कुछ नही दिखाई दे रहा जिससे लोगों को अगले पंद्रह दिनों में हालात सामान्य होने का भरोसा दिलाया जा सके । एक बड़ा सवाल यह भी है कि जो पिछले 35 दिनों में नही हो सकता अब सरकार उसे शेष बचे पंद्रह दिनों में कैसे करेगी ?
वहीँ कांग्रेस नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदम्बरम ने कल कहा था कि नोटबंदी से पैदा हुए हालातो को सामान्य होने में पचास दिन नही बल्कि सात महीने लगेंगे । नागपुर में पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने केंद्र की एनडीए सरकार पर हमला किया है। चिदंबरम ने नोटबंदी को देश का सबसे बड़ा घोटाला करार दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने 500 रुपये का नोट बंद क्यों किया, जबकि यह सबसे ज्यादा चलन में था। इसके बाद 2000 का नोट क्यों लाए। यह सबसे बड़ा घोटाला है, इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह उसी तरह है जैसा खोदा पहाड़ और निकली चूहिया…
पूर्व वित्तमंत्री ने कहा कि यह बिना सोच-विचार के उठाया गया कदम है। 50 दिनों में हालात ठीक नहीं होंगे। 91 लोग बैंकों की लाइन में खड़े होकर मर गए। लोग कतार में हैं और उन्हें 2500 रुपये मिल रहे हैं। सरकार किसानों को सजा दे रही है। गांवों के बाजार और मंडी कई दिनों से बंद हैं।
चिदंबरम ने कहा हालात कैसे ठीक होंगे, क्योंकि एक महीने में 300 करोड़ से ज्यादा नोट नहीं छपते। नोटबंदी गरीबों पर हमला है, उनकी कमर टूट गई है। चिदंबरम ने पूछा, क्या नोटबंदी से भ्रष्टाचार कम हो गया है? यह सिर्फ भ्रम है कि अमीरों को परेशानी हो रही है, इसमें गरीब ही पिस रहा है। लोग अपना ही पैसा बैंकों से लेने में परेशान हो रहे हैं।
उन्होंने इसके जांच की मांग करते हुए कहा कि अभी हालात सामान्य होने में सात महीने लगेंगे। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से 50 दिन का समय मांगा था और कहा था कि 50 दिन के बाद हालात धीरे-धीरे सामान्य होने लगेंगे।
