गोवा संघ प्रमुख की बर्खास्तगी से नाराज़ 400 से अधिक संघ कार्यकर्ताओं के इस्तीफे
नई दिल्ली । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 400 से ज्यादा सदस्यों ने राज्य आरएसएस (संघ) प्रमुख सुभाष वेलिंगकर को पद से हटाये जाने के विरोध में बुधवार को संघ की सदस्यता से इस्तीफ़ा दे दिया। इनमें ज़िला उप-ज़िला और शाखा प्रमुख भी शामिल हैं।
बुधवार को पुणे के पास एक स्कूल परिसर में पहले एक बैठक हुई जो छह घंटे तक चली। इस बैठक में करीब सौ स्थानीय संघ-सदस्यों और पदाधिकारियो ने हिस्सा लिया। बैठक में वेलिंगकर को हटाने के लिए रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर सहित संघ और बीजेपी के वरिष्ठ अधिकारियों पर साजिश करने का आरोप लगाया गया।
बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए संघ के पदाधिकारी रामदास सराफ ने कहा: “जब तक वेलिंगकर सर को बहाल नही किया जाता ज़िला इकाई और उप ज़िला इकाई के सभी पदाधिकारियो और अन्य सैकड़ों स्वयंसेवकों ने संघ से इस्तीफा देने का फ़ैसला किया है।” सराफ ने कहा, “जब तक वेलिंगकर सर को जब तक फिर से गोवा विभाग संध चालक नहीं बनाया जाता हम RSS के लिए काम नहीं करेंगे।”
वेलिंगकर प्राथमिक स्कूलों में राज्य सरकार की पढ़ाई के माध्यम की नीति के विरोधी रहे हैं। उनका दावा है कि पढ़ाई का मौजूदा माध्यम अंग्रेज़ी को बढावा देता है और कोंकणी और मराठी जैसी प्रादेशिक भाषाओं की अनदेखी होती है।
हाल ही में वेलिंगकर ने मनोहर पर्रिकर और लक्ष्मीकांत परसेकर के नेतृत्व में गोवा में बीजेपी की गठबंधन सरकार प पढ़ाई के माध्यम के माम ले में जनता को धोखा देने का आरोप लगाया था।
सोमवार को वेलिंगकर ने चेतावनी दी थी कि इस मुद्दे पर बीजेपी आगामी विधानसभा चुनाव हार सकती है। उन्होंने 20 अगस्त को पार्टी अध्यक्ष अमित शाह की गोवा-यात्रा के दौरान हुए विरोध में हिस्सा भी लिया था जिसमें शाह को काले झंडे दिखाए गए थे। वेलिंगकर ने आगाणी चुनाव में बीजेपी को हराने के लिए अलग पार्टी बनाने की भी धमकी दी है।
