कैशलेस का साइड इफेक्ट : डिजिटल इकोनॉमी टेक्स लगा सकती है सरकार !
नई दिल्ली । देश में नोट बंदी से जनता परेशान है । अपनी मेहनत से जमा किये पैसो को बैंक और एटीएम् से निकालने के लिए लोगों को लंबी लंबी लाइनों में लगना पड़ रहा है । वहीँ सरकार अब कैश लेस के चलन पर ज़ोर दे रही है । सच बात यही है कि बैंको में नगदी की कमी है । जितनी आवश्यकता है उतना कैश न तो एटीएम् में डाला जा रहा है और न ही बैंको में उपलब्ध है ।
वहीँ ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि नगदी की परेशानी को देखते हुए सरकार डिजिटल इकोनॉमी टेक्स लगा सकती है । यदि ऐसा हुआ तो बैंको में नगद ट्रांजेक्शन करना महंगा हो सकता है । अब तक यह टैक्स डेबिट और क्रेडिट कार्ड के जरिए ट्रांजेक्शन करने पर सरकार के टैक्स देना पड़ता था।
सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार नगदी न मिलने से हो रही दिक्कतों के मद्देनज़र सरकार कैश लेस ट्रांजेक्शन को लोकप्रिय करना चाहती है जिससे सभी कुछ रिकॉर्ड में आ सके लेकिन फ़िलहाल ये पूरी तरह मुमकिन नही है । तकनीकी ज्ञान के अभाव में देहात की जनता के लिए कैश लेस ट्रांजेक्शन मुश्किल काम है ।
