कांग्रेस में नए अध्यक्ष के लिए इन चेहरों पर दांव लगाए जाने की तैयारी
नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा अध्यक्ष पद से इस्तीफे की पेशकश के बाद उन्हें अध्यक्ष पद पर बने रहने के लिए मनाने की हर कोशिश नाकाम होने के बाद अब दस जनपथ में वफादार कोंग्रेसियों के नाम पर चर्चा शुरू हो गयी है।
सूत्रों की माने तो कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने यूपीए चेयर पर्सन सोनिया गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी से कहा है कि वे अब अध्यक्ष पद पर नहीं बने रहना चाहते। इसलिए कांग्रेस की कमान किसी और को दी जाए।
राहुल गांधी द्वारा शुक्रवार को वायनाड में अपने सम्बोधन में भी ऐसे संकेत दिए थे कि कांग्रेस की कमान अब किसी और को सौंपी जानी है और राहुल गांधी सिर्फ पार्टी के लिए बिना कोई पद लिए काम करेंगे।

वहीँ सूत्रों ने कहा कि राहुल गांधी के अड़ियल रवैये को देखते हुए दस जनपथ में वफादार कोंग्रेसियों के नामो पर मंथन शुरू हो गया है। सूत्रों ने कहा कि यह तय है कि प्रियंका गांधी को अध्यक्ष पद की कमान नहीं दी जायेगी। गांधी परिवार अपने ऊपर लगे वंशवाद के आरोपों को ध्यान में रखकर इस बार गांधी-नेहरू परिवार के किसी सदस्य को पार्टी की कमान नहीं सौपेगा।

सूत्रों ने कहा कि नए अध्यक्ष के चयन में पार्टी का पहला मापदंड हिंदी भाषी और वफादारी है। सूत्रों ने कहा कि पूर्व रक्षा मंत्री ए के एंटनी का नाम इसीलिए अध्यक्ष पद के दावेदारों की सूची से हटाया गया क्यों कि वे हिंदी बोलने में परिपक्य नहीं हैं, अन्यथा एंटनी अध्यक्ष पद के सशक्त दावेदार थे।
सूत्रों की माने तो अब नए अध्यक्ष के नाम के तौर पर ज्योतिरादित्य सिंधिया, वेणुगोपाल, अशोक गहलोत और प्रमोद तिवारी के नाम की चर्चा चल रही है। सूत्रों ने कहा कि इन चार नामो में ज्योतिरादित्य सिंधिया और प्रमोद तिवारी का नाम सबसे ऊपर चल रहा है। दोनों ही दस जनपथ के विश्वासपात्र हैं और अच्छी हिंदी बोल सकते हैं।

सूत्रों ने कहा कि दस जनपथ का मानना है कि प्रमोद तिवारी को अध्यक्ष बनाये जाने से उत्तर प्रदेश में बड़ा फर्क पड़ेगा। प्रमोद तिवारी को अध्यक्ष बनाये जाने से उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को संजीवनी मिल सकती है।
सूत्रों की माने लोकसभा का सत्र शुरू होने से पहले पहले कांग्रेस अध्यक्ष का नाम तय होना है। सूत्रों ने कहा कि इस वर्ष कई राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावो को ध्यान में रखकर पार्टी जल्द से जल्द नए अध्यक्ष का चुनाव कर लेना चाहती है। जिससे संगठन में पहले से तय फेर बदल की जा सके।

सूत्रों ने कहा कि दस जनपथ फिलहाल यह भी सोच रहा है कि राष्ट्रीय स्तर पर संयुक्त नेतृत्व शुरू किया जाए और पार्टी में एक नहीं बल्कि कम से कम चार कार्यकारी अध्यक्ष बनाये जाएँ। सूत्रों ने कहा कि इन चार अध्यक्षों में हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई समुदाय से जुड़े कांग्रेस नेताओं को पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष की कमान सौंपी जाए।
सूत्रों के मुताबिक चार कार्यकारी अध्यक्ष बनाये जाने की स्थति में ज्योतिरादित्य सिंधिया, गुलाम नबी आज़ाद, एके एंटनी और नवजोत सिंह सिद्धू को पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष की कमान सौंपी जा सकती है।
