कर्नाटक: पूर्व मुख्यमंत्री का दावा ‘सरकार को कोई खतरा नहीं’
बेंगलुरु। कर्नाटक में कांग्रेस – जेडीएस विधायकों के इस्तीफे के बाद राज्य में तेज हुई राजनैतिक गतिविधियों के बीच पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि विधायकों के इस्तीफे के पीछे बीजेपी का ऑपरेशन कमल है।
उन्होंने कहा कि बीजेपी राज्य की कांग्रेस-जेडीएस सरकार को अस्थिर करना चाहती है लेकिन हम उसे सफल नहीं होने देंगे। सिद्धारमैया ने कहा कि सब कुछ ठीक है और राज्य में कांग्रेस जेडीएस सरकार को कोई खतरा नहीं है।
वहीँ इससे पहले कांग्रेस नेता डी के शिवकुमार ने जनता दल सेकुलर के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा तथा अन्य नेताओं से मुलाकात कर ताजा राजनैतिक हालातो पर चर्चा की।
जिन 13 विधायकों ने इस्तीफे दिए हैं वे मुंबई पहुँच चुके हैं। उनके इस्तीफे अभी विधानसभा अध्यक्ष द्वारा स्वीकार नहीं किये गए हैं। पार्टी सूत्रों की माने तो कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया इस्तीफा देने वाले विधायकों के निरंतर सम्पर्क में हैं।
वहीँ दूसरी तरफ कांग्रेस द्वारा बीजेपी पर कर्नाटक सरकार को अस्थिर करने की कोशिशों के आरोप के बाद केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता प्रह्लाद जोशी ने कहा कि विधायकों के इस्तीफे के पीछे कुछ कांग्रेस नेताओं का ही हाथ है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे बीजेपी का कोई लेना देना नहीं है बल्कि कांग्रेस कुमार स्वामी को मुख्यमंत्री की कुर्सी से उखड फेंकना चाहती है।
इससे पहले कल कर्नाटक के मसले पर मंथन के लिए कांग्रेस नेताओं ने दिल्ली में एक बैठक की। कल शाम हुई इस बैठक में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक कर कर्नाटक के हालातो का जायजा लिया। इस बैठक में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल, गुलामनबी आज़ाद, मल्लिकार्जुन खड़के, आनंद शर्मा, मुकुल वासनिक, रणदीप सिंह सुरजेवाला, पी चिदंबरम और ज्योतिरादित्य सिंधिया मौजूद थे।
दिल्ली में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़के और कांग्रेस महासचिव के सी वेनगोपाल कल ही बेंगलुरु पहुँच चुके हैं। मल्लिकार्जुन खड़ने ने कल दिल्ली में कहा कि जो विधायक पार्टी छोड़ना चाहते हैं, वे लंबे समय से हमसे जुड़े रहे हैं। हमें विश्वास है कि वे हमारे साथ बने रहेंगे।
