कर्नाटक की तर्ज पर केंद्र में सरकार बना सकती है कांग्रेस, पार्टी ने दिए संकेत
नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने आज दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वे अनुभव की अनदेखी नहीं करेंगे। पूर्व प्रधानमंत्री डा मनमोहन सिंह और यूपीए चेयर पर्सन सोनिया गांधी के अनुभवों से लाभ लिया जाएगा।
राहुल गांधी ने कहा कि वह जनादेश आने से पहले कोई अनुमान नहीं लगाएंगे। लोगों का फैसला 23 मई को आ जाएगा। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी की रणनीति नरेंद्र मोदी के बच निकलने के लिए प्रत्येक दरवाजा बंद करने की होगी। हमने मोदी के लिए 90 फीसदी दरवाजे बंद कर दिए हैं। बाकी दस फीसदी दरवाजे विपक्ष को बुरा-भला कहकर खुद ही बंद कर लिये।
कांग्रेस नेता गुलामनबी आज़ाद द्वारा बुधवार को पटना में दिए गए बयान के सवाल पर राहुल गांधी ने कहा कि केंद्र में गैर भाजपा सरकार के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के बारे में फैसला 23 मई को नतीजे सामने आने के बाद लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि 23 मई को नतीजे आने से पहले वह इसके बारे में कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। वह लोगों के निर्णय के आधार पर ही पीएम के उम्मीदवार के बारे में कोई फैसला करेंगे। गौरतलब है कि कांग्रेस नेता गुलामनबी आजाद ने कहा था कि अगर उनकी पार्टी को पीएम का पद नहीं मिलता है तो कोई समस्या नहीं आएगी। कांग्रेस केंद्र से एनडीए को बाहर करना चाहती है।
वहीँ दूसरी तरफ माना जा रहा है कि केंद्र में कांग्रेस कर्नाटक वाले फॉर्मूले के आधार पर सरकार बनाने का प्रयास कर सकती है। सूत्रों की माने तो पार्टी इस बात पर मंथन कर रही है कि केंद्र में गैर बीजेपी दलों की सरकार बनाने के लिए पार्टी पीएम पद किसी क्षेत्रीय दल को देकर उपप्रधानमंत्री का पद अपने पास रख सकती है।
ऐसे में यह माना जा रहा है कि डीएमके, टीएमसी, सपा, बसपा के बीच सहमति बनाकर इनमे से किसी पार्टी के नेता को पीएम बनाया जाए और कांग्रेस अपने पास उपप्रधानमंत्री का पद रखे। सूत्रों की माने तो ऐसी स्थति में कांग्रेस की पहली पसंद ममता बनर्जी होंगी। इसके पीछा बड़ा कारण ममता बनर्जी का पूर्व कोंग्रेसी होना है।
सूत्रों ने कहा कि ममता बनर्जी पूर्व में कांग्रेस में रहीं हैं और वे आज भी कांग्रेस विचारधारा के मुताबिक ही काम कर रही हैं। सूत्रों ने कहा कि ममता बनर्जी को पीएम बनाकर कांग्रेस सख्त फैसलों को लेकर खुद को आश्वस्त कर सकती है। ममता बनर्जी किसी भी सख्त फैसले पर अमल करने में हिचकिचाहट नहीं दिखाएंगी और उन्होंने हाल ही में सीबीआई से लेकर बीजेपी तक सबको उचित जबाव दिया है।
