और गिरा रूपया, डॉलर के मुकाबले 73 के पार, महँगी हो सकती है दिवाली
नई दिल्ली। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत लगातार कम हो रही है और अब इसकी कीमत 73 रुपये को भी पार कर गयी है। रुपये की बढ़ती कीमत के चलते महंगाई और बढ़ने के आसार है।
रुपये के रसातल में जाने से तेल की कीमतें बढ़ने के अलावा अन्य कई चीज़ो की कीमतें बढ़ने की सम्भावना व्यक्त की जा रही है। इतना ही नहीं चालू खाता घाटा भी और बढ़ सकता है।
डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत गिरने से पेट्रोल डीजल के अलावा आम उपयोग की चीज़ें और महँगी हो सकती हैं। ट्रांसपोर्ट महंगा होने के अलावा सब्ज़ी, फल, दूध, अंडा इत्यादि भी माँगा हो सकता है।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के तहत काम करने वाले पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल (पीपीएसी) के मुताबिक, बीते जुलाई महीने में इंडिया बास्केट क्रूड की औसत कीमत 73.73 डॉलर प्रति बैरल थी, जबकि उस समय डॉलर के मुकाबले रुपया 67.68 के स्तर पर था।
इस महीने सात दिनों में ही डीजल 1.65 रुपये प्रति लीटर, जबकि पेट्रोल 1.31 रुपये प्रति लीटर महंगा हो गया है। इसके कारण माल ढुलाई पर खर्च चार से पांच फीसदी बढ़ गया है, जिससे आलू-प्याज से लेकर तमाम फल-सब्जियों का ढुलाई खर्च तो बढ़ा ही है, उद्योग जगत की परिवहन लागत भी बढ़ी है।
जानकारों की माने तो डॉलर के मुकाबले गिर रही भारतीय रुपये की कीमत से घरेलु बजट भी बिगड़ेगा। खासकर दाल, चावल, रसोई गैस, खाद्य तेल, रिफाइंड, चीनी और मसालों की कीमतें बढ़ना तय है। जानकारों के अनुसार आने वाले कुछ महीने त्यौहारों वाले हैं। ऐसे में महंगाई के चलते आम परिवारों के त्यौहार फीके हो सकते हैं।
