अब संतो ने खोला मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा, कहा “झूठ बोलती है सरकार”

अब संतो ने खोला मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा, कहा “झूठ बोलती है सरकार”

नई दिल्ली। राम मंदिर निर्माण और गंगा की सफाई के काम के मुद्दे पर अब संतों ने मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अखिल भारतीय संत समिति की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में जुटे संतो ने सरकार पर झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए राम मंदिर निर्माण और गंगा की सफाई के मुद्दे पर सरकार को खरी खरी सुनायीं।

शनिवार को आयोजित संत समिति की बैठक में देश भर के 300 से अधिक प्रमुख संतो ने भाग लिया। बैठक में संतो ने राम मंदिर के निर्माण के लिए संसद में कानून बनाने और बीते डेढ़ साल से लंबित गंगा संरक्षण कानून को लागू करने की मांग की।

महामंडलेश्वर रामानंदाचार्य हंसदेवाचार्य और समिति के राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी जीतेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि राम मंदिर और गंगा कानून पर अब और इंतजार नहीं किया जा सकता। अगर सुप्रीम कोर्ट आतंकवादियों और एक मुख्यमंत्री के लिए आधी रात को अदालत खोल सकता है तो राम मंदिर मामले की प्रतिदिन सुनवाई क्यों नहीं हो सकती?

स्वामी जीतेंद्रानंद ने गंगा मामले में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और सरकार पर उदासीन रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि डेढ़ साल पहले गिरिधर मालवीय की अगुवाई में बनी कमेटी ने गंगा संरक्षण कानून का मसौदा तैयार कर सरकार को दे दिया था। मगर यह अब तक गडकरी की मेज पर पड़ा है।

उन्होंने कहा कि मंत्रालय के अधिकारी गंगा को बचाने के प्रयास में पलीता लगा रहे हैं और सरकार के साथ-साथ गडकरी तमाशा देख रहे हैं। उन्होंने सरकार पर झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार गंगा के संरक्षण के मुद्दे पर सच बताने कतरा रही है।

संतो ने कहा कि राम मंदिर निर्माण का सबसे बेहतर तरीका इस बारे में संसद में कानून बनाने की है। अगर सरकार ऐसा नहीं करेगी तो इस मामले में देश भर में आंदोलन छेड़ा जाएगा।

TeamDigital