अब राज्य सभा में होगा विपक्ष की एकता का टेस्ट
नई दिल्ली। हाल ही में कर्नाटक में बीजेपी और विपक्ष के बीच चली कई दिनों की रस्साकशी के बाद अब राज्य सभा में विपक्ष की एकता का टेस्ट हो सकता है। बीजेपी ने एलान किया है कि वह राज्य सभा में उपसभापति के लिए अपना उम्मीदवार उतारेगी। ऐसे में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच शक्ति प्रदर्शन तय माना जा रहा है।
बता दें कि वर्तमान राज्य सभा के उपसभापति पी के कुरियन का कार्यकाल इस महीने खत्म हो रहा है जिसके बाद यह पद खाली हो जाएगा। उनके स्थान पर नए उप सभापति का चुनाव होगा।
राज्य सभा में उपसभापति भी बीजेपी से बनाने के बारे में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि बीजेपी राज्य सभा के उपसभापति पद के लिए अपना उम्मीदवार खड़ा करेगी लेकिन हम चाहते हैं कि उम्मीदवार सर्वसम्मिति से चुना जाए।
ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि यदि बीजेपी ने उपसभापति पद के लिए अपना उम्मीदवार विपक्ष पर थोपा तो विपक्ष भी अपना उम्मीदवार उतरेगा। राज्यसभा में बीजेपी के पास बहुमत नहीं है ऐसे में अन्य बड़े दलों की मदद के बिना सत्ताधारी दल अपने उम्मीदवार को उपसभापति की कुर्सी पर नहीं बैठा सकता।
राज्यसभा में बहुमत के लिए 122 सांसदों की आवश्यकता है जबकि एनडीए के पास 105 सांसद है। इसके अलावा निर्दलीय सांसदों के साथ लाने पर भी बीजेपी की उम्मीदवार का जीतना मुश्किल है। दूसरी ओर से बीजेडी अगर गैर कांग्रेसी दलों का साथ दे तो इस पद पर कांग्रेस की सहमति वाले उम्मीदवार को बैठाया जा सकता है।
यदि राज्य सभा में शक्ति प्रदर्शन हुआ तो ममता बनर्जी की टीएमसी और बीजू जनता दल की भूमिका को अहम माना जा रहा है। क्यों कि कांग्रेस और बीजेपी के बाद इन दो दलों के पास राज्य सभा में अच्छी तादाद है।
जहाँ तक तृणमूल कांग्रेस का सवाल है तो वह विपक्ष का साथ देगी लेकिन अब देखना होगा कि क्या बीजू जनता दल भी विपक्ष के साथ बना रहता है या वह बीजेपी को समर्थन देगा।
