यूपी: पिछले दरवाज़े से कांग्रेस को गठबंधन में लाने की चल रही बात !

यूपी: पिछले दरवाज़े से कांग्रेस को गठबंधन में लाने की चल रही बात !

लखनऊ ब्यूरो। लोकसभा चुनाव के लिए उत्तर प्रदेश में सपा बसपा के बीच हुए गठबंधन के बाद कांग्रेस द्वारा सभी 80 सीटों पर चुनाव लड़ने के एलान को हल्के में लेने वाली सपा बसपा को अब अहसास हो रहा है कि यदि कांग्रेस ने सभी सीटों पर उम्मीदवार उतारे तो कई अहम सीटों पर सपा बसपा गठबंधन के उम्मीदवार त्रिकोणीय मुकाबले में फंस सकते हैं।

सूत्रों के मुताबिक अब सपा बसपा नेताओं को यह डर सताने लगा है कि कांग्रेस के उम्मीदवारों के चलते उपचुनाव में जीती गयीं कैराना, फूलपुर और गोरखपुर जैसी सीटों के अलावा पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की करीब तीन दर्जन सीटों पर बीजेपी को लाभ मिल सकता है।

सूत्रों ने कहा कि कांग्रेस की तरफ से खतरे के अंदेशे के बाद अब गठबंधन के नेता किसी भी तरह कांग्रेस को गठबंधन के अंदर लाने के लिए सकारत्मक रूप से विचार कर रहे हैं। सूत्रों ने कहा कि समाजवादी पार्टी के सांसद राम गोपाल यादव और पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के बीच कांग्रेस को गठबंधन में लाने के लिए बातचीत हुई है।

सूत्रों ने बताया कि सपा सांसद रामगोपाल यादव और बसपा सांसद सतीश चंद्र मिश्रा के बीच हुई बैठक में लम्बी चर्चा के बाद नतीजा निकला कि उत्तर प्रदेश में मामला त्रिकोणीय होने से रोकने के लिए कांग्रेस को गठबंधन में शामिल किया जाना आवश्यक है।

वहीँ सूत्रों ने यह भी कहा कि विपक्षी एकता की कोशिशों की अगुवाई करने वाले शरद यादव सपा और बसपा के कद्दावर नेताओं के सम्पर्क में हैं और वे कांग्रेस को गठबंधन में लाने के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं।

सूत्रों ने कहा कि प्रियंका गांधी के सक्रीय राजनीति में आने के बाद सपा- बसपा गठबंधन की तरफ से कांग्रेस को 14 सीटें तक दिए जाने की पेशकश की गयी थी लेकिन कांग्रेस कम से कम 20 सीटें चाहती है। इसलिए यह बातचीत आगे नहीं बढ़ सकी।

सूत्रों ने कहा कि कांग्रेस को गठबंधन में लाने के लिए एक बार फिर बातचीत सकारात्मक दिशा में है। माना जा रहा है कि मध्यस्त के तौर पर लोकतान्त्रिक जनता दल नेता शरद यादव कांग्रेस को 15 से 17 सीटों पर राजी कर सकते हैं।

हालाँकि आधिकारिक तौर पर किसी पार्टी ने अभी तक गठबंधन में कांग्रेस को शामिल करने को लेकर कोई बात नहीं कही है लेकिन कयास लगाए जा रहे हैं कि 8 मार्च से शुरू हो रहे प्रियंका गांधी के उत्तर प्रदेश दौरे के दौरान तीनो पार्टियों में सहमति बन सकती है।

TeamDigital