केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने कहा ‘पासपोर्ट में पिता के नाम की अनिवार्यता समाप्त हो’

नई दिल्ली । केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने विदेश यात्रा करने के लिए आवश्यक दस्तावेज पासपोर्ट और इसके आवेदन में पिता का नाम लिखने की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग की है। गांधी ने ट्विटर पर विदेशमंत्री सुषमा स्वराज को संबोधित करते हुए यह बात साझा की।
मेनका गांधी ने इन संदेशों में कहा कि देश में एकल अभिभावकों की संख्या बढ़ रही है। ज्यादातर लोग निश्चय करने के बाद एकल अभिभावक बन रहे हैं तो कुछ मजबूरीवश तलाक के बाद इस श्रेणी में आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मंत्रालय और उन्हें निजी तौर पर पासपोर्ट में से पिता का नाम लिखने की अनिवार्यता समाप्त करने के अनुरोध मिल रहे हैं। स्थितियों को देखते हुए पासपोर्ट और इसके आवेदन में पिता का नाम लिखने की अनिवार्यता समाप्त की जानी चाहिए।
गांधी ने दिल्ली उच्च न्यायालय के एक फैसले का जिक्र करते हुए कहा है कि अगर माता और बच्चा नहीं चाहते तो पिता का नाम नहीं लिखा जाना चाहिए। उन्होंने स्वराज से अनुरोध किया है कि इस संबंध में आवश्यक संशोधन किए जाने चाहिए। मौजूदा प्रावधानों के अनुसार पासपोर्ट जारी करने के लिए पिता का नाम बताना आवश्यक है।
