पीएम् और चीफ जस्टिस की मौजूदगी में बोले केजरीवाल ‘जजों के फोन हो रहे हैं टेप’

नई दिल्ली । दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी की मौजूदगी में यह आरोप लगाकर सनसनी फैला दी कि जजों का फोन टेप हो रहा है। दिल्ली हाईकोर्ट के गोल्डन जुबली समारोह में चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर, दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग और रविशंकर प्रसाद मौजूद भी थे।

केजरीवाल ने आरोप लगाया कि उन्होंने दो जजों को बात करते सुना है कि फोन टैपिंग हो रही है। यदि ऐसा है तो यह न्यायपालिका पर सबसे बड़ा हमला है। मैंने जजों से कहा ऐसा नहीं होगा।

उन्होंने कहा कि न्यायपालिका में रिक्तियां चिंता का विषय है, नियुक्ति में देरी अफवाहों को हवा देती है, जो लोकतंत्र के लिए अच्छा नहीं है। कॉलिजियम ने केंद्र सरकार को सूची भेजी, लेकिन केंद्र सरकार ने पद नहीं भरे।ऐसा नियम बनाया जाए कि कॉलिजियम की सिफारिश आते ही 48 घंटे में केंद्र लागू करे।

न्यायपालिका की आजादी के लिए प्रतिबद्ध : रविशंकर प्रसाद

अरविंद केजरीवाल के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए रविशंकर प्रसाद ने कहा कि किसी भी जज के फोन टेप होने से मैं इनकार करता हूं। मोदी सरकार न्यायपालिका की आजादी और मजबूती के लिए काम करने के लिए प्रतिबद्ध है। न्यायपालिका की आजादी हमारे लिए मूल दायित्व है। कोर्ट की ही संवैधानिक पीठ का ही जजमेंट है कि कॉलिजियम सिस्टम में सुधार होना चाहिए। सरकार उसे लेकर काम कर रही है और सुप्रीम कोर्ट के साथ मिलकर सुधार की कोशिश कर रही है।

दबे कुचले लोगों को बनाना होगा सिस्टम का हिस्साः पीएम मोदी

दिल्ली हाइकोर्ट की 50वीं वर्षगांठ पर बोलते हुए पीएम ने कहा कि दबे-कुचले लोगों को न्यायिक प्रणाली से जोड़ना होगा। चुनौतियों से भागना इंसान का स्वाभाव नहीं होना चाहिए बल्कि चुनौतियों से निपटने के लिए रास्ता खोजने की जरूरत है।

दिल्ली हाईकोर्ट की स्थापना के सोमवार को 50 साल पूरे हो रहे हैं। इस अवसर पर विज्ञान भवन में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मौजूद रहेंगे। वहीं, सुप्रीम के चीफ जस्टिस टी. एस ठाकुर के साथ दिल्ली हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस जी रोहिणी भी शामिल हुईं। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के जज और वरिष्ठ वकील शामिल होंगे।

दिल्ली हाईकोर्ट दिल्ली राज्य का न्यायालय हैं। इसकी स्थापना 31 अक्टूबर 1966 को हुई थी। उस समय कोर्ट को चार न्यायाधीशों के साथ स्थापित किया गया था। वे मुख्य न्यायाधीश थे – के एस हेगड़े, न्यायमूर्ति आईडी दुआ, न्यायाधीश एचआर खन्ना और न्यायमूर्ति एस के कपूर।

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