मोहन भागवत ने की गौरक्षकों के कार्य की सराहना, कहा ‘कानून के तहत ही काम करते हैं’
नागपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने मंगलवार को गोरक्षकों का बचाव करते हुए कहा कि ये कानून के तहत ही काम करते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग हैं, जो गोरक्षा के प्रति समर्पित हैं। यह राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांतों का हिस्सा है। उन्होंने कहा, ‘‘गोरक्षक कानून के तहत काम करते हैं जो लोग कानून का उल्लंघन करते हैं उन्हें गोरक्षकों से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।’’
भागवत ने मंगलवार को विजयादशमी के अवसर पर नागपुर में कहा कि इस साल का दशहरा खास है। पीओके समेत पूरा कश्मीर हमारा है, भारत के विरोधियों का अंत होगा।
उन्होंने कहा कि जम्मू और कश्मीर में चिंता की स्थिति है। पीओके समेत पूरा कश्मीर भारत का हिस्सा है। वह भारत का अविभाज्य अंग है। मीरपुर, मुजफ्फराबाद, गिलगिट और बाल्टिस्तान भी कश्मीर का ही हिस्सा है।
विजयादशमी पर शस्त्र पूजा के बाद स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए भागवत ने कहा कि कुछ ताकतें देश को बढ़ने नहीं देना चाहती हैं, ऐसी ताकतों को यह सरकार सुहा नहीं रही है। उन्होंने कहा कि उनको विश्वास है यह सरकार कुछ करेगी। यह सरकार काम करने वाली है। देश धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है।
भारतीय सेना की दुनिया में प्रतिष्ठा ऊंची हुई
संघ प्रमुख ने कहा कि कश्मीर की उपद्रवकारी शक्तियों को उकसाने का काम सीमा पार से होता है, ये बात किसी से छुपी नहीं है। ये बात सारी दुनिया जानती है और उनको अच्छा जवाब भी हमारे शासन ने दिया है। शासन के नेतृत्व में हमारी सेना ने साहस दिखाया है।
भागवत ने पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक की प्रशंसा करते हुए कहा कि एक बार फिर पूरी दुनिया में भारत की सेना की प्रतिष्ठा ऊंची हो गई। उपद्रवियों को संकेत मिला कि सहन करने की मर्यादा होती है।
संविधान की मर्यादा में हो गो रक्षा
उन्होंने कहा कि संविधान की मर्यादा में गोरक्षा हो। जाति और धर्म के नाम पर किसी की प्रताड़ना न हो। जाति, धर्म और भाषा के नाम पर भेदभाव गलत और शर्मनाक है।
आज बदला गणवेश
हर साल की तरह इस साल भी दशहरे पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने देशभर में पथ संचलन निकाला। लेकिन इस बार इस पथ संचलन की खास बात यह रही कि संघ के स्वयंसेवक हाफ नहीं बल्कि फुल पेंट पर पथ संचलन करते नजर आए।
आरएसएस के स्थापना दिवस पर होने वाला यह पथ संचलन देशभर में आयोजित किया जाता है। नागपुर में भी सुबह से ही संघ कार्यकर्ता इसमें शामिल होने पहुंच गए।
मंगलवार सुबह संघ कार्यकर्ता भूरे रंग के (ब्राउन) फुलपैंट, सफेद शर्ट और काली टोपी पहनें एक ताल में पथ संचलन करते नजर आए। इसके अलावा उनका मोजा पहले के खाकी की जगह गहरे भूरे रंग का हो गया है।
संघ के कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस समेत कई लोग मौजूद रहे।स्वयंसेवकों ने आज सुबह नागपुर में मार्च किया। विजयादशमी और स्थापना दिवस के अवसर पर देशभर में संघ कई कार्यक्रम आयोजित कर रहा है।
