उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव, आज से शुरू हुई नामांकन प्रक्रिया
नई दिल्ली। देश के नए उपराष्ट्रपति के चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया आज से शुरू हो गई है। बता दें कि उपराष्ट्रपति पद से जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद यह पद खाली हुआ है। धनखड़ का कार्यकाल अगस्त 2027 में समाप्त होना था। संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार, मध्यावधि चुनाव की स्थिति में पदधारी को पूरे पांच साल का कार्यकाल मिलता है।
बता दें कि संविधान के अनुच्छेद 68 के खंड 2 के अनुसार, उपराष्ट्रपति के पद पर उनकी मृत्यु, त्यागपत्र या पद से हटाये जाने या अन्य किसी कारण से होने वाली रिक्ति को भरने के लिए चुनाव, पद रिक्त होने के बाद “यथाशीघ्र” कराया जाता है।
रिक्ति को भरने के लिए निर्वाचित व्यक्ति “अपने पदभार ग्रहण करने की तिथि से पांच वर्ष की पूर्ण अवधि तक” पद धारण करने का हकदार होगा।
हालांकि, संविधान में इसका उल्लेख नहीं कि उपराष्ट्रपति की मृत्यु या कार्यकाल समाप्त होने से पहले त्यागपत्र देने की स्थिति में, या जब उपराष्ट्रपति भारत के राष्ट्रपति के रूप में कार्य करता है, तो उसके कर्तव्यों का निर्वहन कौन करेगा।
उपराष्ट्रपति देश का दूसरा सर्वोच्च संवैधानिक पद है। उनका कार्यकाल 5 वर्ष का होता है, लेकिन कार्यकाल समाप्त होने के बावजूद, वे तब तक पद पर बने रह सकते हैं जब तक कि उनका उत्तराधिकारी पद ग्रहण न कर ले।
उपराष्ट्रपति पद का चुनाव 9 सितंबर को होना है। हालांकि सत्ता पक्ष और विपक्ष की तरफ से अभी उम्मीदवारों के नाम का एलान होना बाकी है। उम्मीदवारों के नाम को लेकर अभी कयासों का दौर जारी है।
चुनाव आयोग ने उपराष्ट्रपति पद के लिए 9 सितम्बर को होने वाले चुनाव के लिए गुरुवार को अधिसूचना जारी कर दी, जिससे नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई। अधिसूचना के अनुसार, नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 21 अगस्त है, जबकि दस्तावेजों की जांच 22 अगस्त को की जाएगी। चुनावी लड़ाई से हटने की अंतिम तिथि 25 अगस्त है।
