SIR पर सुप्रीमकोर्ट ने चुनाव आयोग से फिर कहा, “आधार और वोटर ID को माने वैध दस्तावेज

SIR पर सुप्रीमकोर्ट ने चुनाव आयोग से फिर कहा, “आधार और वोटर ID को माने वैध दस्तावेज

नई दिल्ली। बिहार में चल रहे मतदाता सूची रिवीजन (SIR) को लेकर देश की सर्वोच्च अदालत ने चुनाव आयोग से एक बार फिर कहा है कि वह आधार और वोटर आईडी को वैध दस्तावेज माने।

सुप्रीम कोर्ट ने मामले से जुड़े पक्षों से कहा है कि वो मामले में बहस करने के लिए कितना समय लेंगे, मंगलवार को सुनवाई की अगली तारीख की जानकारी दी जाएगी। इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से आधार कार्ड, राशन कार्ड और ईपीआईसी (वोटर आईडी कार्ड) को शामिल करने को कहा था।

इस पर सिब्बल ने कहा आयोग ने नहीं शामिल किया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आधार और ईपीआईसी (EPIC) तो दस्तावेजों में शामिल किया जा सकता है। चुनाव आयोग के वकील राकेश द्विवेदी ने कहा कि राशन कार्ड पर आपत्ति है। ईपीआईसी इसलिए नहीं क्योंकि यह विशेष गहन पुनरीक्षण है, साथ ही कहा, आधार फॉर्म में मेंशन हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आधार और वोटर आईडी को शामिल करें और कोई फर्जी मिले तो केस टू केस बेसिस पर एक्शन लें लेकिन, इन दोनों को ग्यारह दस्तावेजों में शामिल करें। कोर्ट ने कहा, हम कल इस पर सुनवाई करेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मंगलवार सुबह 10.30 बजे से मामले पर सुनवाई कर सकते हैं।

याचिकाकर्ताओं ने ड्राफ्ट पब्लिश होने को लेकर सवाल उठाया. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमने चुनाव आयोग का हलफनामा पढ़ा है। हम मंगलवार को इस पर विचार करेंगे।

जस्टिस बागची ने कहा कि चुनाव आयोग का कहना है कि मसौदा सूची में जनवरी 2025 की सूची में शामिल सभी नाम शामिल होंगे, साथ ही अगर कोई आपत्ति हो तो उसे भी शामिल किया जाएगा। जस्टिस कांत ने कहा कि मंगलवार सुबह 10:30 बजे से पहले हमें समय-सीमा बताएं। फिर मंगलवार को हम सुनवाई कार्यक्रम की घोषणा करेंगे।

सुप्रीम कोर्ट मंगलवार को तय करेगा कि कब एसआईआर पर सुनवाई की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने ड्राफ्ट वोटर लिस्ट के प्रकाशन पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि ड्राफ्ट लिस्ट की वैधता लंबित याचिकाओं के अंतिम निर्णय के अधीन होगी।

TeamDigital