मॉनसून सत्र से पहले सरकार ने बुलाई सर्वदलीय बैठक
नई दिल्ली। संसद के मानसूत्र सत्र को सुचारु रूप से चलाने के लिए सरकार ने रविवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई। इस बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। बैठक में सरकार ने सदन के सुचारू संचालन के लिए विपक्षी दलों से सहयोग मांगा।
केंद्रीय मंत्री एवं राज्यसभा में सदन के नेता जे.पी. नड्डा की अध्यक्षता में हुई बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता शामिल हुए। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू और उनके कनिष्ठ मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सरकार का प्रतिनिधित्व किया।
सर्वदलीय बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, “यह एक बहुत अच्छी राय है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद विभिन्न दलों के साथ सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडलों की बैठकें बहुत अच्छी और प्रभावी रहीं और उन सभी अच्छे अनुभवों को राष्ट्र के सामने साझा किया जाना चाहिए। हमें इसका स्वागत करना चाहिए।”
कांग्रेस के गौरव गोगोई एवं जयराम रमेश, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा)-शरदचंद्र पवार की सुप्रिया सुले, द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के टी आर बालू और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई-ए) के नेता एवं केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले बैठक में भाग लेने वाले सांसदों में शामिल रहे।
विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के 24 दलों के प्रमुख नेताओं ने संसद का मानसून सत्र शुरू होने से पहले शनिवार को फैसला किया था कि वे पहलगाम आतंकवादी हमले, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को अचानक रोके जाने, भारत-पाकिस्तान सैन्य टकराव के बीच मध्यस्थता संबंधी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावे, बिहार में जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और कई अन्य मुद्दों को प्रमुखता से उठाएंगे।
