अब “समोसा, जलेबी और लड्डू जैसे खाद्य उत्पादों पर चेतावनी लेबल जारी करने की खबर निकली झूठ”
नई दिल्ली। पिछले दो दिनों से मीडिया में तेजी से वायरल हो रही एक खबर झूठी साबित हुई है। प्रेस इनफार्मेशन ब्यूरो (पीआईबी) ने फेक्ट चेक में इस खबर को झूठा पाया है।
दरअसल इस वायरल खबर में दावा किया गया था कि स्वास्थ्य मंत्रालय ने समोसा, जलेबी और लड्डू जैसे खाद्य उत्पादों पर चेतावनी लेबल जारी करने की अनिवार्यता लागू की है।
अब पीआईबी ने फैक्ट चेक में बताया है कि स्वास्थ्य मंत्रालय की गाइडलाइन में विक्रेताओं को बेचे जाने वाले खाद्य उत्पादों पर चेतावनी लेबल लगाने का निर्देश नहीं दिया गया है। इसमें विभिन्न कार्यस्थलों जैसे लॉबी, कैंटीन, कैफेटेरिया, मीटिंग रूम आदि में बोर्ड लगाने की सलाह दी गई है ताकि विभिन्न खाद्य पदार्थों में मौजूद अतिरिक्त वसा और चीनी के सेवन से होने वाले हानिकारक परिणामों के बारे में जागरूकता बढ़ाई जा सके।
रिपोर्ट में आगे बताया गया कि यह कदम बढ़ते मोटापे और इससे जुड़ी बीमारियों, जैसे मधुमेह, हृदय रोग और उच्च रक्तचाप, को नियंत्रित करने के लिए उठाया गया है। मंत्रालय के अनुसार, 2050 तक भारत में 44.9 करोड़ लोग मोटापे या अधिक वजन से प्रभावित हो सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ये चेतावनी बोर्ड, सिगरेट की तरह, लोगों को सोच-समझकर खाने के लिए प्रेरित करें।
