भारत के नए मुख्य न्यायाधीश बने न्यायमूर्ति बीआर गवई, राष्ट्रपति मुर्मू ने दिलाई शपथ
नई दिल्ली। न्यायमूर्ति भूषण रामकृष्ण गवई ने आज बुधवार को भारत के 52वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली। उन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने न्यायमूर्ति गवई को पद की शपथ दिलाई। बता दें कि गवई ने सीजेआई संजीव खन्ना का स्थान लिया है।
जस्टिस गवई पहले बौद्ध सीजेआई हैं और दलित समुदाय से दूसरे ऐसे सीजेआई हैं, जो देश के सर्वोच्च न्यायिक पद पर आसीन होने वाले हैं।
इससे पहले 2007 में सीजेआई केजी बालकृष्णन ने पदभार संभाला था। जस्टिस गवई ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि वे सेवानिवृत्ति के बाद कोई कार्यभार नहीं संभालेंगे।
जब उनसे पूछा गया कि क्या वह अपने पिता की तरह राजनीति में शामिल होंगे, तो न्यायमूर्ति गवई ने कहा, “कोई राजनीतिक महत्वाकांक्षा नहीं है। मैंने सेवानिवृत्ति के बाद कोई कार्यभार या पद नहीं लेने का निर्णय लिया है। कोई भी अन्य कार्यभार सीजेआई पद से नीचे है, राज्यपाल का पद भी सीजेआई पद से नीचे है।”
