पहलगाम आतंकी हमला: गृह मंत्रालय के पास क्यों नहीं थे खुफिया इनपुट?

पहलगाम आतंकी हमला: गृह मंत्रालय के पास क्यों नहीं थे खुफिया इनपुट?

नई दिल्ली। पहलगाम में हुए आतंकी हमलों के बाद मीडिया चैनलों पर सूत्रों के हवाले से तरह तरह के दावे किए जा रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ गृहमंत्री अमित शाह कश्मीर में हैं।

इस आतंकी घटना को समाज का एक वर्ग हिंदू मुस्लिम से जोड़कर पेश कर रहा है। कई न्यूज चैनलों पर भी बहस में पहलगाम की आतंकी घटना को हिन्दू मुसलमान का रंग दिया जा रहा है लेकिन यहां बड़ा सवाल खुफिया तंत्र की विफलता का है।

बड़ा सवाल यही है कि इतने बड़े आतंकी हमले की प्लानिंग की जानकारी सरकार के खुफिया तंत्र तक क्यों नहीं पहुंची। दूसरा सवाल यह भी है कि पहलगाम में जिस जगह यह घटना हुई वहां बड़ी तादाद में पर्यटकों की मौजूदगी की जानकारी होने के बावजूद भी वहां पर्याप्त तादाद में सुरक्षाबल क्यों मौजूद नहीं थे।

सरकार ने किया मुआवजे का एलान:

वहीं पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों के लिए जम्मू-कश्मीर सरकार ने मुआवजे का ऐलान किया है। जम्मू कश्मीर सरकार ने पहलगाम आतंकवादी हमले में मारे गए प्रत्येक व्यक्ति के परिवार को बुधवार को 10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। वहीं, राज्य सरकार ने गंभीर रूप से घायलों के लिए 2 लाख रुपये और मामूली रूप से घायलों के लिए 1 लाख रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की है।

अनंतनाग अस्पताल पहुंचे अमित शाह:

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को अनंतनाग के एक अस्पताल का दौरा कर पहलगाम आतंकवादी हमले में घायल हुए लोगों का हालचाल जाना।

गृह मंत्री के साथ उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला भी थे।

बता दें कि पहलगाम के बैसरन मैदान में मंगलवार को आतंकवादियों ने कम से कम 26 लोगों की हत्या कर दी, जिनमें अधिकतर पर्यटक थे। यह पिछले कई वर्षों में कश्मीर में नागरिकों पर सबसे भीषण आतंकवादी हमलों में से एक था।

TeamDigital