CJI पर टिप्पणी कर फंसे बीजेपी सांसद, पार्टी ने बयान से किया किनारा

CJI पर टिप्पणी कर फंसे बीजेपी सांसद, पार्टी ने बयान से किया किनारा

नई दिल्ली। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे एक बार फिर बेवजह का बयान देकर फंस गए हैं। इस पर वक्फ कानून को लेकर उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पर टिप्पणी की है, जिससे उनकी पार्टी ने भी पल्ला झाड़ दिया है।

दरअसल, झारखंड के गोड्डा से बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने एक बयान में कहा था कि देश में धार्मिक युद्ध भड़काने के लिए सुप्रीम कोर्ट ज़िम्मेदार है।

झारखंड के गोड्डा से बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कहा था, “देश में धार्मिक युद्ध भड़काने के लिए सुप्रीम कोर्ट ज़िम्मेदार है. सुप्रीम कोर्ट अपनी सीमा से बाहर जा रहा है. अगर हर बात के लिए सुप्रीम कोर्ट जाना है, तो संसद और विधानसभा का कोई मतलब नहीं है, इसे बंद कर देना चाहिए.”

निशिकांत दुबे के बयान पर बीजेपी ने किनारा कर लिया है। खुद बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि पार्टी का इस बयान से कोई लेना देना नहीं है।

क्या कहा था बीजेपी सांसद ने:

झारखंड के गोड्डा से बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कहा था, “देश में धार्मिक युद्ध भड़काने के लिए सुप्रीम कोर्ट ज़िम्मेदार है। सुप्रीम कोर्ट अपनी सीमा से बाहर जा रहा है। अगर हर बात के लिए सुप्रीम कोर्ट जाना है, तो संसद और विधानसभा का कोई मतलब नहीं है, इसे बंद कर देना चाहिए।”

इसके साथ ही उन्होंने कहा, “इस देश में जितने गृह युद्ध हो रहे हैं उसके ज़िम्मेदार केवल चीफ़ जस्टिस ऑफ़ इंडिया संजीव खन्ना साहब हैं।”

वहीं बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे के बयान पर विपक्ष हमलावर हो गया है।

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने शनिवार रात पत्रकारों से कहा कि बीजेपी सुप्रीम कोर्ट को कमज़ोर करने में लगी हुई है।

उन्होंने कहा, “संवैधानिक पदाधिकारी, मंत्री और बीजेपी के सांसद भी सुप्रीम कोर्ट के ख़िलाफ़ बोलने में लगे हुए हैं। क्योंकि सुप्रीम कोर्ट भी ये कह रही है कि जब क़ानून बनाते हैं तो संविधान के मूलभूत ढांचे के ख़िलाफ़ मत जाइये। अगर संविधान के ख़िलाफ़ है तो हम इस क़ानून को स्वीकार नहीं कर सकते हैं।”

जयराम रमेश ने कहा, “कांग्रेस पार्टी चाहती है कि सुप्रीम कोर्ट स्वतंत्र, निष्पक्ष हो और संविधान ने उनको जो अधिकार दिए हैं उनका पूरा सम्मान करना चाहिए। लेकिन ये बिलकुल साफ़ है कि जानबूझकर अलग-अलग आवाज़ें आ रही हैं और सुप्रीम कोर्ट को निशाना बनाया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने इलेक्टोरल बॉन्ड से लेकर वक़्फ़ बोर्ड तक सरकार को लेकर कहा है कि जो उसने किया है वो ग़ैर संवैधानिक है।”

TeamDigital