चुनाव से पहले अलीगढ में धर्म संसद के आयोजन की तैयारी, जमीयत ने उठाये सवाल
अलीगढ। उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 10 फरवरी को अलीगढ में विधानसभा चुनाव होना है। एन चुनाव के मौके पर हिन्दू संगठनों द्वारा अलीगढ में धर्म संसद का आयोजन किये जाने का एलान किया गया है। जिसे लेकर जमीयत उलेमा ए हिन्द ने विरोध जताया है।
जानकारी के मुताबिक, सनातन हिन्दू सेवा संस्थान द्वारा 22 और 23 जनवरी को अलीगढ में धर्म संसद के आयोजन किया जा रहा है। हालांकि यह धर्म संसद अलीगढ में कहां आयोजित की जाएगी, इस सन्दर्भ में कोई जानकारी नहीं दी गई है।
वहीँ चुनाव से पहले धर्म संसद के आयोजन को लेकर जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने चुनाव आयोग और जिला अधिकारी को पत्र लिखकर अलीगढ़ में प्रस्तावित धर्म संसद पर रोक लगाने की मांग की है।
जमीयत ने अपने पत्र में लिखा, ”ये लोग स्पष्ट रूप से धर्म संसद का आयोजन चुनाव के दौरान समाज में साम्प्रदायिक तनाव फैलाने के लिए कर रहे हैं और उन्हें रोका जाना चाहिए।”
गौरतलब है कि दिसंबर में 17 से 19 तक हरिद्वार (उत्तराखंड) में आयोजित की गई धर्म संसद के दौरान एक धर्म विशेष के लोगों के प्रति नफरती भाषण दिए गए थे। इस मामले में हरिद्वार पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर एसआईटी का गठन किया है। ताजा घटनाक्रम में पुलिस ने शिया वक़्फ़ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन वसीम रिज़वी उर्फ़ जितेंद्र त्यागी को गिरफ्तार कर लिया है।
वहीँ अलीगढ में धर्म संसद के आयोजन से माहौल ख़राब होने का अंदेशा जताते हुए अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष सलमान इम्तियाज के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में जिला प्रशासन से मुलाकात की थी और मांग की थी कि अलीगढ में धर्म संसद के आयोजन की अनुमति न दी जाए।
