किसान आंदोलन का एक साल: विपक्ष ने सरकार को ठहराया ज़िम्मेदार

किसान आंदोलन का एक साल: विपक्ष ने सरकार को ठहराया ज़िम्मेदार

नई दिल्ली। कृषि कानूनों के खिलाफ देश में चल रहे किसान आंदोलन का एक वर्ष पूरा होने पर विपक्ष ने सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। विपक्ष ने सरकार पर किसानो की अनदेखी करने और किसानो पर ज़ुल्म करने का आरोप लगाया है।

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा कि किसान आंदोलन का एक साल। किसानों के अडिग सत्याग्रह, 700 किसानों की शहादत और निर्मम भाजपा सरकार के अहंकार व अन्नदाताओं पर अत्याचार के लिए जाना जाएगा। लेकिन भारत में किसान की जय-जयकार हमेशा थी, है और रहेगी। किसानों के संघर्ष की जीत इसका प्रमाण है।

वहीँ केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि ‘किसान आंदोलन के दौरान जिन 700 किसानों की मौत हुई है उनके परिवारों को उचित मुआवज़ा दिया जाए। किसान जब तक वहां बैठें हैं हम उनके साथ हैं। किसान तय करेंगे कि वो वहां से कब उठेंगे।’

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि किसानों की जो भी मांगे हैं हम उसका पूरा समर्थन करते हैं। अजय मिश्रा टेनी को केंद्रीय मंत्री मंडल से बर्खास्त किया जाना चाहिए। किसानों की एमएसपी की मांग जायज़ है। जितने भी झूठे मामले दर्ज़ किए गए हैं किसानों पर उन्हें वापस लिया जाए।

गौरतलब है कि किसान आंदोलन के एक वर्ष के दौरान किसानो को कई उतार चढ़ाव से गुजरना पड़ा है। आंदोलन के दौरान कई जगह किसानो पर लाठीचार्ज हुआ। वहीँ लखीमपुर खीरी की घटना ने देशभर का ध्यान खींचा। आंदोलन के एक वर्ष के दौरान आंदोलन में शामिल किसानो ने गर्मी की तपती धूप, बारिश और सर्दी तीनो मौसम को झेला। आंदोलन के दौरान 700 से अधिक किसानो ने अपनी जान गंवा दी।

इस सबके बावजूद किसानो के हौसले आज भी बुलंद हैं। अब केंद्र सरकार ने भले ही तीनो कृषि कानून वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है लेकिन अब किसान आंदोलन का अगला लक्ष्य एमएसपी गारंटी के लिए कानून है।

इसके अलावा भी किसानो की अन्य कई मांगें हैं। इनमे किसानो पर दर्ज मुकदमे वापस लेने, आंदोलन के दौरान मृत किसानो की स्मृति में स्मारक बनाने और उनके परिजनों को उचित मुआवजा देने, बिजली की दरें कम किये जाने जैसी मांगें शामिल हैं।

TeamDigital