बैंको के निजीकरण के खिलाफ दूसरे दिन भी बैंक कर्मचारियों की हड़ताल जारी
नई दिल्ली। बैंको के निजीकारण के खिलाफ आज दूसरे दिन भी बैंक कर्मचारियों की हड़ताल जारी है। बैंक कर्मचारियों की यूनियन यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर आज दूसरे दिन भी देश के करीब 13 लाख बैंक कर्मचारी और अधिकारी हड़ताल पर हैं।
उत्तर प्रदेश: कानपुर में बैंक कर्मचारियों ने सरकारी बैंकों के निजीकरण के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के अध्यक्ष ने कहा, ”निजीकरण से गरीब जनता को सबसे ज्यादा नुकसान है। गरीब जनता आज राष्ट्रीयकृत बैंकों के माध्यम से कई तरह के लाभ उठा रही है।”
लखनऊ में भी बैंक कर्मचारियों ने सरकारी बैंकों के निजीकरण के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। यूनाइडेट फोरम ऑफ बैंक यूनियन(UFBU) ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण के खिलाफ देशभर में 15 और 16 मार्च को हड़ताल बुलाई है।
दिल्ली: सरकारी बैंकों के निजीकरण के खिलाफ राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर बैंक कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे एक बैंक कर्मचारी ने बताया, “अगर सरकार नहीं मानी तो हम अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे।”
महाराष्ट्र: सरकारी बैंकों का निजीकरण करने के सरकार के फैसले के खिलाफ बैंक कर्मचारी आज दूसरे दिन भी हड़ताल पर हैं। मुंबई सहित राज्य में सभी शहरो में बैंक बंद रहे।
पश्चिम बंगाल: सिलीगुड़ी में सरकारी बैंकों का निजीकरण करने के सरकार के फैसले के खिलाफ बैंक कर्मचारियों के हड़ताल के कारण बैंक और ATM बंद दिखे। हड़ताल का आज दूसरा दिन है। न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बात करते हुए एक महिला ने कहा, ”मुझे खरीदारी के लिए पैसे की जरूरत थी। कैश नहीं मिल पाने के कारण बहुत दिक्कत हो रही है।”
बैंक कर्मचारियों के प्रदर्शन पर कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि हमारी मांग है कि जब आज पूरे भारत में 13 लाख लोग हड़ताल पर हैं तो उनको बुलाकर बात करनी चाहिए। जो बड़े-बड़े बैंक गरीबों और छोटे व्यापारियों की मदद करते हैं उन बैंकों को अमीरों के हाथ में देने की सरकार की मंशा ठीक नहीं है।
