स्मार्ट सिटी से अभी बहुत दूर हैं हम – नारायण मूर्ति
मुम्बई । देश की अग्रणी आईटी कंपनी इंफोसिस के सह-संस्थापक एनआर नारायणमूर्ति ने पिछले हफ्ते मुंबई में एक कार्यक्रम में कहा कि भारत स्मार्ट सिटी बनाने से “बहुत बहुत दूर” है। “स्मार्ट सिटी मिशन” केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना है।
भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरे देश में 100 स्मार्ट सिटी बनाने की इच्छा कई बार जाहिर कर चुके हैं। इस परियोजना के पहले चरण में देश के 20 शहरों को ‘स्मार्ट सिटी’ बनाने की योजना है।
मूर्ति ने मुंबई में ‘सिटी सिस्टम’ विषय पर एक लेक्चर दे रहे थे। जब एक श्रोता ने उनसे पूछा कि अपने एक घंटे के लेक्चर में उन्होंने सरकार की स्मार्ट सिटी परियोजना का जिक्र क्यों नहीं किया? इसपर मूर्ति ने कहा, “चूंकि हम स्मार्ट सिटी से बहुत बहुत दूर हैं, इसलिए मैंने उसके बारे में बात नहीं की।” मूर्ति ने कहा, “मैं काम करता हूं, केवल बातें नहीं करता।” उन्होंने श्रोताओं से कहा कि अगर वो देखना चाहते हैं कि स्मार्ट सिटी कैसी हो सकती है तो वो इंफोसिस के मैसूर कैंपस में जाकर देखें।
पिछले हफ्ते एक कार्यक्रम में शहरीकरण की संभावनाओं पर पूछे गए सवाल के जवाब मूर्ति ने कहा था, “अपनी कंपनी में हमने मैसूर, भुवनेश्वर तिरुअनंतपुरम में डेवलपमेंट सेंटर बनाए थे। ये ग्रामीण सेंटर नहीं थे. ये सेकेंड टियर के शहर थे। लेकिन वो आधे से ज्यादा नहीं भरे। कोई वहां जाना नहीं चाहता था। हर कोई मुंबई, पुणे, बेंगलुरु, हैदराबाद, नोयडा जाना चाहता है। यही सच्चाई है।”
मूर्ति के अनुसार उनकी कंपनी को पति या पत्नी की नौकरी, बच्चों की शिक्षा और गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सुविधा जैसी वजहों से ऐसी दिक्कत का सामना करना पड़ा। मूर्ति का ये बयान ऐसे समय में आया है जब भारतीय प्रधानमंत्री आईटी कंपनियों से देश के अंदरूनी इलाकों में रोजगार के अवसर तैयार करने की अपील कर चुके हैं।
शहरी व्यवस्था पर बोलते हुए मूर्ति ने कहा कि भारत को आतंरिक अप्रवासन की समस्या को देखते हुए ही भविष्य की रूपरेखा तैयार करनी होगी। मूर्ति के अनुसार आने वाले वक्त में भारत के शहरी इलाकों की तरफ पलायन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि उच्च आय क्षमता वाला कोई भी दोस्त शहरीकरण के बगैर विकास नहीं कर सका है। मूर्ति ने कहा कि इससे निपटने के लिए भारत को सेवा और उत्पादन क्षेत्र में नए रोजगार तैयार करने होंगे।
