गाज़ीपुर बॉर्डर पर बिजली और पानी की आर्पूर्ति रोकी गई, किसानो ने कहा “जारी रहेगा आंदोलन”

गाज़ीपुर बॉर्डर पर बिजली और पानी की आर्पूर्ति रोकी गई, किसानो ने कहा “जारी रहेगा आंदोलन”

नई दिल्ली। कृषि कानूनों के खिलाफ गाज़ीपुर बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन स्थल की बिजली और पानी की आपूर्ति प्रशासन द्वारा बंद किये जाने के बाद किसानो ने एलान किया है कि वे अपने गांव से पानी की सप्लाई करेंगे लेकिन किसान आंदोलन जारी रहेगा।

भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा कि हम अपना आंदोलन जारी रखेंगे और धरना स्थल को खाली नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने धरना खत्म कराने के लिए पानी और बिजली की सप्लाई रोक दी है। हमे इससे फर्क नहीं पड़ेगा,. हम गांव से पानी मंगवाएंगे लेकिन आंदोलन जारी रखा जाएगा।

न्यूज़ एजेंसी एएनआई के मुताबिक उत्तर प्रदेश सरकार ने जिले के डीएम और एसएसपी को किसान आंदोलन को समाप्त कराने की ज़िम्मेदारी दी है। इससे पहले आजकीसँ नेताओं ने धरना स्थल पर मौजूद किसानो को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी हाल में धरना समाप्त नहीं होगा।

भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा कि किसान अपनी गिरफ्तारी देने के लिए तैयार हैं। सरकार चाहे तो किसानो को गिरफ्तार कर सकती है लेकिन प्रशासन के हथगण्डो के आगे किसान नहीं झुकेंगे।

राकेश टिकैत ने मीडिया से बात करते हुए भावुक हो गए और कहा कि यदि कृषि कानून वापस नहीं हुए तो मैं आत्महत्या कर लूंगा। उन्होंने कहा कि देश के किसानों पर अत्याचार हो रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों को बर्बाद करने की साजिश रची जा रही है।

किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि जबरदस्ती से किसान आंदोलन बंद नहीं होगा। जब तक सांस चलेगी तब तक लड़ेंगे। अभी हमारी कोई योजना नहीं है। अभी हम मीटिंग करेंगे। पता नहीं सरकार क्या-क्या षड्यंत्र करती है।

इससे पहले आज उत्तर प्रदेश के एडीजी (लॉ एन्ड ऑर्डर) प्रशांत कुमार ने कहा कि 26 जनवरी को हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बाद कुछ किसान संगठनों ने स्वेच्छा से चिल्ला बाॅर्डर,दलित प्रेरणा स्थल से आंदोलन वापस ले लिया। बागपत में लोगों को समझाने के बाद उन्होंने रात में धरना खत्म कर दिया। UP गेट पर अभी कुछ लोग हैं, उनकी संख्या काफी कम हुई।

इसी क्रम में यूपी गेट पर धरना स्थल को खाली कराने के लिए जिला प्रशासन के द्वारा किसानों को अल्टीमेटम दे दिया गया है। जिला मजिस्ट्रेट अजय शंकर पांडेय सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एवं पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर उपस्थित हैं। धरना स्थल को खाली कराने की जिला प्रशासन के द्वारा पूरी तैयारी की गई है।

TeamDigital