किसान आंदोलन: कैथल में वैक्सीनेशन कार्यक्रम में पहुंचे बीजेपी विधायक को किसानो ने घेरा

किसान आंदोलन: कैथल में वैक्सीनेशन कार्यक्रम में पहुंचे बीजेपी विधायक को किसानो ने घेरा

नई दिल्ली। कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे किसान आंदोलन का आज 52वां दिन है। कड़ाके की सर्दी और कोहरे के बावजूद किसानो के हौसले में कोई कमी नज़र नहीं आ रही है।

सरकार के साथ अब तक 9 दौर की बातचीत हो चुकी है लेकिन कृषि कानूनों को रद्द करने और एमएसपी की गारंटी देने के लिए कानून लाने के मुद्दे पर बातचीत से कोई हल नहीं निकला है। अब 10वे दौर की बातचीत के लिए 19 जनवरी की तारीख तय की गई है।

बातचीत के लिए सरकार की तरफ से लगातार तारीख दिए जाने को लेकर भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि मुकदमे की तरह तारीखें मिल रहीं हैं, किसान पेशी की तरह जाते रहेंगे. साथ ही कहा कि इसका हल बातचीत से ही निकलेगा।

हरियाणा में वैक्सीनेशन कार्यक्रम में बीजेपी विधायक का किसानों ने किया विरोध:

हरियाणा के कैथल में करोना वैक्सीनेशन कार्यक्रम के दौरान स्थानीय बीजेपी विधायक लीलाराम का भारतीय किसान यूनियन से जुड़े किसानों ने जमकर विरोध किया। इस दौरान किसानों ने ये भी मांग की कि करोना वैक्सीन सबसे पहले हरियाणा सरकार के मंत्रियों, विधायकों और अन्य राजनेताओं को लगाई जाए, उसके बाद ही इसे आम लोगों को लगाई जाए।

कृषि कानूनों से जुड़ी दलीलों पर सोमवार को सुनवाई कर सकता है सुप्रीम कोर्ट:

कोर्ट तीनों कृषि कानूनों को चुनौती देने वाली और दिल्ली के अलग-अलग बॉर्डर पर डेरा डाले किसानों को हटाने संबंधी याचिकाओं पर सोमवार को सुनवाई कर सकता है।

9वे दौर की बातचीत भी रही बेनतीजा:

इससे पहले शुक्रवार को किसानो और सरकार के बीच हुई 9वे दौर की बातचीत भी बेनतीजा रही। किसानो के साथ 9वे दौर की बैठक समाप्त होने के बाद कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तौमर ने बताया कि किसान यूनियन के साथ 9वें दौर की वार्ता समाप्त हुई। तीनों क़ानूनों पर चर्चा हुई। आवश्यक वस्तु अधिनियम पर विस्तार से चर्चा हुई। उनकी शंकाओं के समाधान की कोशिश की गई। यूनियन और सरकार ने तय किया की 19 जनवरी को 12 बजे फिर से चर्चा होगी।

सुप्रीमकोर्ट द्वारा बनाई गई कमेटी से बातचीत नहीं करेंगे किसान:

भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता, सरकार के साथ 9वें दौर की बैठक के बाद भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि हम सुप्रीमकोर्ट की बनाई कमेटी से नहीं बलि हम सरकार से ही बात करेंगे।

उन्होंने कहा कि हम कोर्ट की कमेटी के पास नहीं जाएंगे, हम सरकार से ही बात करेंगे। हमारी बातचीत के 2 ही मुख्य बिंदु है। कृषि के तीनो कानून वापस हो और MSP पर बात हो। सरकार MSP से भाग रही है।

TeamDigital