Live: विज्ञान भवन पहुंचे किसान नेता, कृषि कानूनों और एमएसपी पर होगी सरकार से बात
नई दिल्ली। किसानो और सरकार के बीच आज एक बार फिर बातचीत होनी है। बातचीत के लिए किसान संगठनों के प्रतिनिधि विज्ञानं भवन पहुंच चुके हैं। अब से थोड़ी देर में सरकार और किसानो के बीच सातवें दौर की बातचीत शुरू होगी।
केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तौमर भी थोड़ी देर पहले अपने आवास से निकल चुके हैं। उन्होंने कहा कि आज की बैठक में जो विषय बचे हुए हैं उन पर चर्चा होगी। मुझे आशा है कि सभी सकारात्मक हल निकालने में मदद करेंगे और हम सफल भी होंगे।
वहीँ विज्ञानं भवन रवाना होने से पहले भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि कानून वापस हों, MSP पर कानून बने, स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट लागू हो। हमें बिन्दुवार वार्ता(कानूनों पर) करने में कोई दिलचस्पी नहीं है। उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि सरकार बात मान ले, अगर मांगें पूरी नहीं होती तो आंदोलन चलेगा।
अखिल भारतीय किसान सभा के महासचिव हन्नान मोल्लाह ने बताया कि मुख्य एजेंडा है कि तीन कानूनों को वापस लेना और MSP को कानूनी दर्जा देना है। इसमें कोई कानूनी समस्या नहीं है। यह राजनीतिक इच्छा का सवाल है। अगर सरकार कॉर्पोरेट के साथ है तो वापस नहीं लेगी और अगर किसान के साथ है तो जरूर वापस लेगी।
वहीँ दूसरी तरफ आज 38 वे दिन भी किसानो का आंदोलन जारी है। गाज़ीपुर बॉर्डर पर कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के विरोध प्रदर्शन में बौध भिक्षुओं ने हिस्सा लिया। एक बौध भिक्षु ने बताया, “हम लखनऊ से आए हैं।किसान सड़क पर है इसलिए हम मठों को छोड़ किसानों के साथ आए हैं।जब तक कानून वापस नहीं होंगे हम नहीं जाएंगे।”
किसान मज़दूर संघर्ष कमेटी के नेता सुखविंदर सिंह सभरा ने कहा कि अगर आज तीनों कानूनों को निरस्त करने की बात नहीं बनती और MSP गारंटी का कानून नहीं आता तो हमारे अगले कार्यक्रम पहले से ही तैयार हैं। 6 जनवरी को ट्रैक्टरों पर मार्च किया जाएगा, 7 जनवरी को देश को जगाने की कवायद शुरू होगी।
