4 जनवरी को हल नहीं निकला तो 6 जनवरी को केएमपी राजमार्ग पर मार्च करेंगे किसान

4 जनवरी को हल नहीं निकला तो 6 जनवरी को केएमपी राजमार्ग पर मार्च करेंगे किसान

नई दिल्ली। कृषि कानूनों के विरोध कर रहे किसानो का कहना है कि यदि 4 जनवरी को सरकार के साथ होने वाली अगले दौर की वार्ता में कोई हल नहीं निकलता है तो 6 तारीख से 20 तारीख तक 2 हफ्ते पूरे देश में देश जागृति अभियान चलाया जाएगा। इतना ही नहीं 6 जनवरी को किसान केएमपी राजमार्ग पर मार्च करेंगे।

स्वराज अभियान के संयोजक योगेंद्र यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा,”4 तारीख (4जनवरी) को हमारी वार्ता है, अगर परिणाम संतोषजनक नहीं निकलते हैं तो 6 तारीख को KMP राजमार्ग पर मार्च किया जाएगा। 6 तारीख से 20 तारीख तक 2 हफ्ते पूरे देश में देश जागृति अभियान चलाया जाएगा।”

उन्होंने कहा कि किसानों के ये आंदोलन अब निर्णायक दौर में है, 30 तारीख की वार्ता के बारे में मैं इतना ही कहूंगा कि अभी तो पूंछ निकली है, हाथी निकलना अभी बाकी है। MSP को क़ानूनी अधिकार मिलने और तीनों कृषि क़ानूनों को खारिज करने पर सरकार टस से मस नहीं हुई है।

इससे पहले आज 4 जनवरी को सरकार के साथ होने वाली बैठक को लेकर किसान यूनियनों के नेताओं के बीच विचार विमर्श हुआ। इस मुद्दे पर खासतौर से चर्चा हुई कि यदि 4 जनवरी को भी किसानो की मांगे नहीं मानी गईं तो किसानो का अगला कदम क्या होगा।

बैठक में शामिल किसान यूनियनों के नेताओं ने एक बार फिर कृषि कानूनों को रद्द करने और एमएसपी गारंटी के लिए कानून बनाये जाने की अपनी मांगो को दोहराया और सरकार से अपील कि वह जल्द से जल्द कृषि कानूनों को रद्द करे।

बैठक में शामिल किसान यूनियन के नेताओं ने कहा कि सरकार अब और किसानो के धैर्य का इम्तेहान न ले। सरकार ये न सोचे कि किसान सरकार द्वारा लादी गई हर चीज़ को बर्दाश्त करता रहेगा। किसान नेताओं ने कहा कि अब हम 4 तारीख की बैठक का और इंतज़ार करेंगे। उसके बाद हम सरकार की तरफ से अगली तारीख का इंतज़ार नहीं करेंगे।

TeamDigital