और मजबूत हुआ महागठबंधन, वामदलों ने किया मिलकर चुनाव लड़ने का एलान

और मजबूत हुआ महागठबंधन, वामदलों ने किया मिलकर चुनाव लड़ने का एलान

पटना ब्यूरो। बिहार विधानसभा चुनाव के लिए विपक्ष के गठजोड़ महागठबंधन को और मजबूती मिली है। सीपीआई और सीपीएम वामदलों ने महागठबंधन के साथ मिलकर चुनाव लड़ने का एलान किया है। इससे मध्य बिहार में बीजेपी और जनता दल यूनाइटेड के लिए भारी मुश्किल पैदा हो सकती है।

बुधवार को वामदलों के नेताओं और राष्ट्रीय जनता दल के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह की मुलाकात के बाद वामदलों को महागठबंधन में शामिल किये जाने के फैसले को हरी झंडी दे दी गई है।

वामदलों के नेताओं के साथ बातचीत में राष्ट्रीय जनता दल ने सकारात्मक रुख दिखाया। वहीँ महागठबंधन में शामिल होने को लेकर वामपंथी दलों के शीर्ष नेताओं और कांग्रेस के बीच पहले ही बातचीत हो चुकी है।

जानकारों की माने तो वामपंथी दलों के महागठबंधन में शामिल होने के बाद मध्य बिहार की करीब 42 सीटों पर बीजेपी और जेडीयू उम्मीदवारों के लिए चुनावी डगर कठिन होना तय है।

वहीँ एक अन्य राजनैतिक घटनाक्रम में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने भी महागठबंधन में शामिल होने की मंशा ज़ाहिर की है और एनसीपी नेता सच्चिदानंद ने भी राजद के प्रदेश अध्यक्ष से मुलाकात कर महागठबंधन के साथ मिलकर चुनाव लड़ने की बात कही।

बीते दिनों कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बिहार ने नेताओं के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक में बिहार चुनाव को लेकर कहा था कि सभी छोटे दलों को महागठबंधन करने की कोशिशें की जानी चाहिए। इसलिए कयास लगाए जा रहे हैं कि एनसीपी और समाजवादी पार्टी को भी महागठबंधन में जगह दी जा सकती है।

वहीँ वामदलों के महागठबंधन में शमिल होने को लेकर कहा जा रहा है कि जीतनराम मांझी के महागठबंधन छोड़ने से होने वाले नुकसान की भरपाई कर ली गई है। बता दें कि 20 अगस्त को जीतनराम मांझी की पार्टी हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा ने महागठबंधन छोड़ने का एलान किया था।

TeamDigital