सजा एलान होने के चंद घंटो के अंदर ही लग गई सजा के आदेश पर रोक

सजा एलान होने के चंद घंटो के अंदर ही लग गई सजा के आदेश पर रोक

नई दिल्ली। वर्ष 2011 में तहलका के स्टिंग ऑपरेशन में रक्षा सौदे के लिए दो लाख रुपये रिश्वत लेते हुए कैमरे में कैद हुईं समता पार्टी की पूर्व अध्यक्ष जया जेटली तथा दो अन्य लोगों को दिल्ली की एक अदालत ने चार-चार साल कैद की सजा सुनाई थी।

अदालत द्वारा अपने फैसले में जया जेटली और उनकी पार्टी के पूर्व सहयोगी सहयोगी गोपाल पचेरवाल और मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) एस. पी. मुरगई को चार साल की कैद और एक-एक लाख रुपये का जुर्माने की सजा का एलान किया गया था लेकिन चंद घंटो बाद ही दिल्ली हाईकोर्ट ने निचली अदालत के फैसले पर रोक लगा दी।

दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा रक्षा सौदे में भ्रष्टाचार के आरोपी जया जेटली तथा अन्य दो लोगों को चार साल कैद और एक लाख जुर्माने की सजा के आदेश पर रोक लगाते हुए सीबीआई से जवाब मांगा है।

क्या है पूरा मामला:

जनवरी 2001 में रक्षा सौदों में भ्रष्टाचार उजागर करने के लिए तहलका द्वारा किये गए स्टिंग ऑपरेशन में काल्पनिक कंपनी बनाकर सेना के लिए हाथ से संचालित होने वाले थर्मल इमेजर्स की आपूर्ति ऑर्डर के लिए कई लोगों से संपर्क किया गया था। स्टिंग के दौरान रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नाडीज के आवास जया जेटली दो लाख रूपये रिश्वत लेते हुए कैमरे में कैद हो गई थीं। जिसके बाद रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नाडीज को इस्तीफा देना पड़ा था।

इस मामले में अदालत ने आज जया जेटली तथा अन्य दो लोगों को दोषी मानते हुए चार-चार साल कैद और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी, अदालत ने सभी दोषियों को शाम पांच बजे तक सरेंडर करने के भी आदेश जारी किये थे लेकिन जया जेटली ने निचली अदालत के फैसले को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की। जिस पर हाईकोर्ट ने निचली अदालत के फैसले पर रोक लगा दी और सीबीआई से इस मामले में जबाव माँगा है।

TeamDigital