चीन से बढ़ते तनाव को लेकर चिदंबरम ने मोदी सरकार से पूछे ये सवाल
नयी दिल्ली। लद्दाख की जिस गलवान घाटी में भारत और चीन के सैनिको के बीच 15 जून को हुई हिंसक झड़पों में भारत के 20 सैनिक शहीद हुए थे, अब उसी जगह को लेकर खबर आ रही है कि वहां चीनी सैनिको का अभी भी जमावड़ा है और वहां चीनी सैनिको द्वारा फिर से टेंट लगाए गए हैं।
हालांकि दोनों देशों के बीच जो वार्ता चल रही है उसमें बार-बार इस बात पर सहमति बन रही है कि दोनों देश अपनी सेना को सीमा से पीछे कर लेंगे।
चीन से लगातार बढ़ रहे टकराव को लेकर पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने केंद्र सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। चिदंबरम ने गलवान घाटी पर चीन के दावे की पृष्ठभूमि में बृहस्पतिवार को सवाल किया कि क्या नरेंद्र मोदी सरकार लद्दाख में अप्रैल, 2020 की यथास्थिति की बहाली पर जोर देगी।
उन्होंने ट्वीट कर पीएम से सवाल किये कि,‘‘प्रधानमंत्री ने जो कहा उसके विपरीत, यह स्पष्ट है कि चीनी सैनिकों द्वारा अप्रैल-जून 2020 में यथास्थिति बदल दी गयी, लोग देख रहे हैं कि क्या मोदी सरकार यथास्थिति बहाल करने में सफल होगी।”
इतना ही नहीं चिदंबरम ने कहा कि,‘‘क्या भाजपा की अगुवाई वाली राजग सरकार एक बार फिर से भारत के दावे को दृढ़ता पूर्वक सामने रखेगी और मांग करेगी कि “यथास्थिति” बहाल होनी चाहिए?”
पूर्व केंद्रीय मंत्री चिदंबरम ने कहा, ‘‘चीन के विदेश मंत्रालय और पीएलए ने एक बार फिर पूरी गलवान घाटी पर अपना दावा ठोक दिया है और मांग की है कि भारत घाटी को खाली कर दे। यह असाधारण मांग है।”
गौरतलब है कि भारत चीन के बीच आधिकारिक स्तर की बातचीत जारी है इसके बावजूद चीन तनाव को बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा। कुछ मीडिया रिपोर्ट में आई खबरों को सच माने तो गलवान घाटी में चीनी सैनिको ने फिर से टैंट लगा लिए हैं।
