विदेशी निवेशकों ने भारत से निकाले 16 अरब डॉलर
नई दिल्ली। कोरोना संक्रमण के कारण आर्थिक मंदी से जूझ रहे दुनियाभर के देशो में अर्थव्यवस्था को लेकर बड़ी चिंता पैदा हो गई है। दुनिया के कई देश विदेशो अर्थव्यवस्था को फिर से खड़ा करने के प्रयासों में दूसरे देशो से निवेश लाने की कोशिशों में जुटे हैं वहीँ विदेशी निवेशकों ने भारत ने निवेश किये गए 16 अरब डॉलर निकाल लिए हैं।
अमेरिकी कांग्रेस की रिपोर्ट के अनुसार महामारी के बीच अमेरिकी निवेशकों ने एशिया से 26 अरब डॉलर निकाले, जिसमें से 16 अरब डॉलर भारत से निकाले गए।
कोविड-19 के ग्लोबल आर्थिक प्रभाव पर कांग्रेस रिसच्र सेंटर की रिपोर्ट के अनुसार एशिया की विकासशील अर्थव्यवस्थाओं से विदेशी निवेशकों ने 26 अरब डॉलर निकाले। इसमें से 16 अरब डॉलर से ज्यादा भारत से निकाले गए।
रिपोर्ट में कहा गया कि जर्मनी, फ्रांस, ब्रिटेन, स्पेन और इटली में तीन करोड़ से ज्यादा लोगों ने सरकारी मदद के लिए आवेदन किया। चालू वर्ष की पहली तिमाही के आंकड़ों के अनुसार यूरोजोन की अर्थव्यवस्था 3.8 फीसदी घट गई। यह 1995 की सीरीज शुरू होने के बाद की सबसे बड़ी तिमाही गिरावट है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका में जीडीपी पहली तिमाही में 4.8 फीसदी घट गया। यह गिरावट 2008 की चौथी तिमाही में ग्लोबल वित्तीय संकट के बाद की सबसे ज्यादा है।
रिपोर्ट के अनुसार नीतियों में अंतर होने के कारण विकासशील और विकसित और यूरोजोन के उत्तरी और दक्षिणी सदस्यों के बीच संबंधों में तनाव बढ़ रहा है। इस वजह से ग्लोबल लीडरशिप के भविष्य पर भी सवाल खड़ा हो रहा है।
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आइएमएफ) ने अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा है कि ग्लोबल इकोनॉमी रिकवरी उम्मीद से ज्यादा धीमी रह सकती है क्योंकि संक्रमण फैलने को लेकर अभी भी अनिश्चितता है।
