एनजीओ और सरकार से मिली सामिग्री को अपनी कहकर बाँट रहा आरएसएस

एनजीओ और सरकार से मिली सामिग्री को अपनी कहकर बाँट रहा आरएसएस

लखनऊ। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) पर आरोप लगा है कि वह कई गैर सरकारी स्वयं सेवी संस्थाओं ( एनजीओ) और सरकार से मिली राहत सामिग्री पर अपना नाम और लोगो लगाकर लोगों में बाँट रहा है।

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि देश में कम्युनिटी किचन और आरएसएस के भण्डारे में कोई फर्क नहीं दिखता है। स्वयंसेवी संस्थाओं और सरकारी संस्थानों से प्राप्त खाद्य सामग्री को आरएसएस द्वारा अपना बताकर और मोदी थैली में भरकर कुछ भाजपाई परिवारों में वितरित करना घटिया मानसिकता प्रदर्शित करता है।

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा प्रशंसित मॉडल कामयाब नहीं हो रहे हैं। मजदूर और गरीब को उनके हाल पर छोड़ दिया गया है, सरकार द्वारा उनकी सुध नहीं ली जा रही है कि उनका इलाज, उनके भोजन और आवास की व्यवस्था करनी चाहिए।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां जनता कोरोना को हराने के लिए प्रतिबद्ध है, वहीं भाजपा सरकारें ईमानदारी से काम करने के बजाय राजनीति करने से बाज नहीं आ रही हैं।

अखिलेश ने सवाल किया कि संघ की कुटुम्ब शाखा कैसे लगाई जा रही है? भाजपा की सरकार क्या संघ का एजेंडा बढ़ाने के लिए ही चुनी गई है? कोरोना युद्ध में जिस आगरा मॉडल की प्रधानमंत्री ने तारीफ की थी, वह लगातार गम्भीर लापरवाही और बदइंतजामी से फेल हो चुका है। जिला प्रशासन की हेल्पलाइन कारगर नहीं हो सकी है। दवा पूर्ति दूर की कौड़ी साबित हो रही है।

उन्होंने कहा कि लखनऊ और प्रदेश के कई अन्य जनपदों में जहां हॉटस्पॉट हैं, वहां भी न तो लॉकडाउन का पूरा पालन हो पा रहा है और न ही वहां के निवासियों को आवश्यक खाद्य पदार्थों और दूध आदि की ठीक से सप्लाई हो पा रही है।

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि पूरा देश कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में एकजुट है। लॉकडाउन का भी सभी समर्थन कर रहे हैं, जनहित और जनसुविधा सम्बन्धित सरकारी निर्देशों का पालन भी हो रहा है लेकिन सरकार के भ्रामक बयानों से जनता में दुविधा की स्थिति बन रही है।

वहीँ सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक मुस्लिम बुज़ुर्ग ने खुलासा किया कि आरएसएस के लोग राहत सामिग्री की किट गाँव में बांटने आये थे लेकिन हमसे कहा गया कि पहले जय श्री राम बोलो तभी राहत सामिग्री मिलेगी। वीडियो में मुस्लिम परिवार दिखाई दे रहा है। वीडियो में मुस्लिम महिलाएं कहती हैं कि हमने जय श्री राम बोलने से इंकार कर दिया तो हमे किट नहीं दी गई। हालाँकि अभी यह पुष्टि नहीं हुई है कि यह वीडियो उत्तर प्रदेश का ही है कि किसी अन्य राज्य का है।

TeamDigital