शब-ए-बरात को मुसलमान न करें ये काम, सुन्नी और शिया धर्म गुरुओं ने जारी की अपील

शब-ए-बरात को मुसलमान न करें ये काम, सुन्नी और शिया धर्म गुरुओं ने जारी की अपील

नई दिल्ली। देश में कोरोना संक्रमण को लेकर मुस्लिम उलेमाओं ने देश के मुसलमानो से लॉकडाउन का पालन करने और सरकार द्वारा तय किये गए नियमो की अनदेखी न करने की अपील की है।

इतना ही नहीं शब-ए-बरात को ध्यान में रखकर मुसलिम उलेमाओं ने मुसलमानो के लिए एडवाइजरी भी जारी की है। लखनऊ में ईदगाह के इमाम मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने एडवाइजरी जारी कर सभी मुसलमानों से कहा कि शब-ए-बरात के दिन मुसलमान घर में ही रहकर इबादत करें और कब्रिस्तान में अपने पुरखों व परिवारजनों की कब्रों पर न जाएं।

मौलाना रशीद फरंगी महली ने कहा कि शब-ए-बरात पर किसी प्रकार के जलसों का आयोजन न करें। उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमण को ध्यान में रखकर इस्लामिक सेंटर का होने वाला जलसा भी स्थगित कर दिया गया है।

ईदगाह के इमाम मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने इंदौर, गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर सहित तमाम जगहों पर डॉक्टर, स्वास्थ्य कर्मचारियों व पुलिस से बदसुलूकी की घटनाओं की निंदा की।

मौलाना ने कहा कि ये लोग हमें कोरोना जैसे गंभीर बीमारी से बचाने के लिए अपनी जान की परवाह नहीं कर रहे है। इनके साथ बदसुलूकी इंसानियत के खिलाफ है। मौलाना ने ऐसे लोगों पर कानूनी कार्रवाई करने के साथ ही सभी देश व प्रदेश वासियों से सहयोग करने की अपील की।

वहीँ इदारा ए शरिया फिरंगी महल के अध्यक्ष मुफ्ती अबुल इरफान मियां फिरंगी महली ने कहा कि पुरखों व परिवारजनों का फातेहा घर पर ही पढे़ं। जहां तक गरीबों के भोजन कराने की बात है तो इससे अच्छा और क्या मौका होगा।

शिया धर्मगुरुओं ने भी जारी की अपील:

शव-ए-बरात को लेकर शिया धर्म गुरुओं ने भी मुसलमानो के लिए अपील जारी की है। शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जवाद ने भी कहा कि कोई भी कब्रिस्तान न जाए। आतिशबाजी कर जश्न मनाने को भी मना किया।

वहीँ ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रवक्ता मौलाना यासूब अब्बास ने भीड़ इकट्ठा कर किसी भी आयोजन करने से मना किया। शिया चांद कमेटी के अध्यक्ष मौलाना सैफ अब्बास नकवी ने लोगों से घरों में रहने की अपील की।

TeamDigital